केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को वोट चोरी के आरोपों पर 5 सवालों की चुनौती दी

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में कांग्रेस पर चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोपों को लेकर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कांग्रेस को पांच महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने की चुनौती दी। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस को ये सवालों का उत्तर देना चाहिए ताकि जनता के सामने सच आए।

उन्होंने पहला सवाल पूछा, "जब चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस की सरकार ने की थी, तो 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 44 सांसद कैसे मिले?" दूसरा सवाल था, "2024 में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, तो कांग्रेस को लगातार तीसरी बार हार का सामना कैसे करना पड़ा?" इसके बाद उन्होंने पूछा, "क्या मौजूदा कांग्रेस के मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे और 2014 से 2026 के बीच सरकारें बनाने के लिए माफी मांगेंगे?" चौथे सवाल में कहा, "क्या वोटर लिस्ट से अवैध अप्रवासी, मृत, शिफ्ट हो चुके या डुप्लीकेट नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं?" आखिरकार, उन्होंने पूछा, "क्या 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 में किए गए एसआईआर अवैध थे?"
रिजिजू ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि "एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रही है।" इसका संदर्भ उन आरोपों के साथ है जो कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठाए हैं।

विपक्ष का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता से समझौता किया है और 'वोट चोरी' किया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया का उपयोग वोटर के नाम मनमाने तरीके से हटाने और मतदाताओं को एक बूथ से दूसरे बूथ पर शिफ्ट करने के लिए किया गया है।

कांग्रेस के नेता यह भी कहते हैं कि ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रभाव में काम कर रहे हैं। इससे चुनावी संस्था की संवैधानिक स्वतंत्रता कमजोर हो रही है। इसके अलावा, विपक्षी नेताओं का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने आयोग के अंदर अन्य चुनाव आयुक्तों की मंजूरी या सहमति के बिना महत्वपूर्ण निर्णय लिए और सुप्रीम कोर्ट में झूठे बयान दिए।

इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर को रद्द करना और ईवीएम की जगह पूरी तरह से पेपर बैलेट से मतदान कराना शामिल है।

इस पूरे विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस इन सवालों का क्या जवाब देती है और आगे की रणनीति क्या होगी।

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