मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर उठाए सवाल

NewsPoint•
Navbharat Times
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के चलते सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक हेमंत कटारे ने पुरी के नामांकन पत्र और हलफनामे को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है। उनके अनुसार, हेमंत कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने तीन महत्वपूर्ण आपत्तियां रखी हैं।

कांग्रेस की ओर से उठाई गई पहली आपत्ति ये है कि हरदीप सिंह पुरी के हलफनामे में उनकी पत्नी के नाम और उनके संपत्तियों का विवरण नहीं दिया गया है। दूसरी आपत्ति विदेशी संपत्तियों के ब्योरे को लेकर है। इसमें जेनेवा में मौजूद अपार्टमेंट और विदेशी बैंकों के खातों की जानकारी भी शामिल है। तीसरी आपत्ति नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता पर उठाई गई है। कांग्रेस ने ये सभी बिंदुओं की जांच कराने की मांग की है।
जीतू पटवारी ने कहा, "जिस उम्मीदवार को बीजेपी राज्यसभा भेजना चाहती है, उसके नामांकन के हलफनामे में इतनी गंभीर विसंगतियां क्यों सामने आ रही हैं?" उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी पारदर्शिता और नैतिकता की बात करने के बाद इन आपत्तियों का जवाब देगी या सत्ता के बल पर मामले को दबाने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग से सभी आपत्तियों की निष्पक्ष और गंभीर जांच करवाने की मांग की।

27 अक्टूबर को, बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी को अपने उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। इसके बाद पुरी ने 31 अक्टूबर को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। यह सीट केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। अब कांग्रेस की ओर से उठाई गई आपत्तियों ने राज्यसभा चुनाव को लेकर विवाद को बढ़ा दिया है।

कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वे इस मुद्दे पर अपने पक्ष को स्पष्ट करेंगी या नहीं, ये देखना होगा। हाल में, देशभर के सियासी महाकौशल में इस घटनाक्रम का काफी असर पड़ा है। कुछ राजनैतिक गलियारे में चर्चाएं हैं कि ये चुनाव न केवल राज्यसभा के लिए, बल्कि राज्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

इस बीच, हेमंत कटारे द्वारा दर्ज की गई आपत्तियों से साफ है कि कांग्रेस हर संभव प्रयास कर रही है ताकि हरदीप सिंह पुरी का नामांकन चुनौती में पड़े। राज्यसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही ये विवाद और भी तूल पकड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि बीजेपी इस मुद्दे पर किस प्रकार की रणनीति अपनाती है और कांग्रेस की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि हलफनामे में विसंगतियों को लेकर उठाए गए सवाल, न केवल चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि इससे राजनीतिक दलों के बीच संवाद और सहयोग की दिशाओं में भी बदलाव आ सकता है।

राज्यसभा चुनाव की तिथि 12 नवंबर है, और ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी अपनी रणनीति में बदलाव करती है या फिर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने में पीछे हटती है।

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