सीआरपीएफ ने 47 वर्षों में पहली बार किसी जवान की जान नहीं गंवाई, सुरक्षा में आई महत्वपूर्ण उपलब्धि
सीआरपीएफ ने 47 वर्षों में पहली बार किसी जवान की जान नहीं गंवाई, सुरक्षा में आई महत्वपूर्ण उपलब्धि
NewsPoint•
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पिछले 12 महीनों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान सीआरपीएफ के किसी भी जवान की जान नहीं गई है, जो इसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। बिहार के नेताओं ने इस पर खुशी जताई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने इसे सीआरपीएफ की उत्कृष्ट रणनीति और तकनीक का परिणाम बताया है। यह सफलता सीआरपीएफ के इतिहास में एक अनूठा पड़ाव है और इसे देशभर में सराहा जा रहा है।
सीआरपीएफ के 47 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब करीब 3.25 लाख जवान बिना किसी हताहत के अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस विशेष उपलब्धि को सीआरपीएफ के लिए एक महत्त्वपूर्ण मानक बताया। उन्होंने कहा, "अलग-अलग अभियानों और सुरक्षा गतिविधियों में संचालित रहना और एक साल तक शून्य हताहत का रिकॉर्ड कायम करना अपनी आप में बड़ी बात है।" यह स्थिति सीआरपीएफ की प्रभावशीलता और प्रदर्शन की गुणवत्ता को दर्शाती है।जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता, राजीव रंजन ने कहा कि भारत की आजादी के बाद सीआरपीएफ ने हमेशा असाधारण कार्य किए हैं। उन्होंने स्मरण दिलाया कि पिछले वर्षों में कई जवानों ने देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी है। इस वर्ष तकनीक के बेहतर उपयोग और रणनीति में बदलाव के कारण एक भी जवान की शहादत नहीं हुई है। वह बोले, "सीआरपीएफ का शौर्य और पराक्रम हमेशा से देश के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।"
जेडीयू सांसद रामप्रीत मंडल ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया। उन्होंने कहा, "यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंडिया है।" पिछले 12 महीनों में सीआरपीएफ के किसी जवान का घायल या शहीद न होना सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।
राज्य के मंत्री राम कृपाल यादव ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सीआरपीएफ के लिए एक बेहद स्वागतयोग्य उपलब्धि है। उनके अनुसार, "47 वर्षों में पहली बार सीआरपीएफ में किसी जवान की जान नहीं गई है।" इस तरह के प्रयासों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग दिया है और अपराध नियंत्रण में मदद की है।
सीआरपीएफ की यह उपलब्धि न केवल बल के जवानों की मेहनत का फल है, बल्कि यह पूरी सुरक्षा प्रणाली के सुधार की भी कहानी है। इसकी सराहना पूरे देश में की जा रही है, और सब लोग उनके साहस और समर्पण को सलाम कर रहे हैं।