भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, 12 विनिर्माण परियोजनाओं को मिली मंजूरी
भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, 12 विनिर्माण परियोजनाओं को मिली मंजूरी
NewsPoint•
भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग अब नीतिगत घोषणाओं के दौर से निकलकर असली कार्यान्वयन और इकोसिस्टम निर्माण की ओर बढ़ चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) के अतिरिक्त सचिव और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के CEO अमितेश कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 12 विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें से 5 परियोजनाएं पहले ही उत्पादन शुरू कर चुकी हैं।
सिन्हा ने आईएसआईजी एग्जीक्यूटिव समिट इंडिया 2026 के दूसरे दिन कहा कि सेमीकॉन 2.0 का उद्देश्य केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विकास करना है। इसमें डिजाइन कंपनियां, कच्चा माल, रसायन, गैस, उपकरण निर्माता, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और प्रतिभा विकास जैसे तमाम महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं। उन्होंने बताया, "भारत के पास बड़ा घरेलू बाजार, विशाल प्रतिभा और सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं जैसे महत्वपूर्ण लाभ हैं।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग की दीर्घकालिक सफलता के लिए वैश्विक तकनीकी साझेदारियां और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं जरूरी होंगी। इस सम्मेलन का विषय था 'इंटेलिजेंट फ्यूचर को सक्षम बनाना: एडवांस्ड सेमीकंडक्टर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स'। यह समिट भारत में आयोजित पहला आईएसआईजी एक्जीक्यूटिव समिट था। इसमें विभिन्न देशों की प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, निवेशक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और सरकारी प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
समिट में उन्नत पैकेजिंग, आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग (OSAT), पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सिलिकॉन कार्बाइड और गैलियम नाइट्राइड जैसी नई तकनीकों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही, एआई और डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग और भारत में डिजाइन, उपकरण और आपूर्ति श्रृंखला इकोसिस्टम के विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गहन मंथन हुआ।
इस कार्यक्रम में आईएसआईजी ने बिहार सरकार के साथ एक रणनीतिक सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य राज्य में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का विकास करना है। इस मौके पर आईएसआईजी की भारत प्रमुख और पावर सेमीकंडक्टर विभाग की प्रमुख डॉ. शालु अग्रवाल ने कहा, "इस सम्मेलन ने यह दिखाया है कि जब वैश्विक उद्योग, निवेशक और सरकार एक मंच पर आते हैं तो नई संभावनाएं पैदा होती हैं।"
उन्होंने बताया कि भारत के पास उन्नत पैकेजिंग और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में वास्तविक अवसर हैं। आईएसआईजी का लक्ष्य इन अवसरों को प्रौद्योगिकी, पूंजी और साझेदारियों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि "भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के लिए निवेश, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान क्षमताओं के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है।"
इस शिखर सम्मेलन का अगला संस्करण 30 नवंबर और 1 दिसंबर 2027 को भारत में आयोजित किया जाएगा।