भारत ने Br E Summit 2026 में नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक महाशक्ति बनकर पहचान बनाई
भारत ने BR E Summit 2026 में नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक महाशक्ति बनकर पहचान बनाई
NewsPoint•
नई दिल्ली, 5 नवंबर। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि बीआरई समिट एवं एक्सपो 2026 ने भारत को वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित किया है। उन्हें विश्वास है कि भारत को स्वच्छ ऊर्जा में हासिल की गई उपलब्धियों के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने लगी है। इस चार दिवसीय सम्मेलन में 135 से अधिक देशों के नीति-निर्माताओं, निवेशकों तथा उद्योग के विशेषज्ञों ने शिरकत की। सम्मेलन में 75,000 से ज्यादा दर्शक और 400 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए। 113 सत्रों में 627 से अधिक वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। इस आयोजन में 32 अंतरराष्ट्रीय मंत्रियों, छह मुख्यमंत्रियों और 10 राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों ने भाग लिया।
जोशी ने बताया कि सम्मेलन में शामिल निवेशकों ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। यह रुचि केवल 2030 की जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आगे बढ़कर भी है। सम्मेलन में भाग लेने वाले निवेशक पारंपरिक रणनीतिक निवेशकों से बाहर जाकर पेंशन फंड, संस्थागत निवेशकों तथा दीर्घकालिक निवेशकों तक पहुंचे। यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा वित्तपोषण तंत्र की मजबूती के संकेत देती है।उन्होंने इस आयोजन को एक अद्वितीय पहल बताया, जो नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण आयोजनों को एक साथ लाया। जोशी के अनुसार, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों की बड़ी भागीदारी ने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा विकास यात्रा में वैश्विक विश्वास को प्रदर्शित किया। सम्मेलन के दौरान चर्चाओं में नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद, ऊर्जा भंडारण की योजना और ग्रिड प्रबंधन, जबकि पवन और सौर ऊर्जा उत्पादन के पूर्वानुमान के लिए आधुनिक तकनीक पर भी जोर दिया गया। चौबीसों घंटे नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता और तकनीकी प्रारूपों पर चर्चा हुई, जिसमें हाल ही में एसईसीआई द्वारा दी गई 5.25 रुपये प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर भी शामिल थी।
यह विषय विदेशी प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं के बीच काफी रुचि का विषय बने। औपचारिक बयान में उल्लेख किया गया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज किया है। पिछले वित्तीय वर्ष में देश की कुल बिजली खपत का एक चौथाई से अधिक हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत के लगातार निवेश का रणनीतिक महत्व है। उन्होंने कहा, "भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा से ऐसे समाधान और अनुभव सामने आए हैं, जिनसे पूरी दुनिया को लाभ मिला है।" उन्होंने नवाचार तंत्र में अधिक भागीदारी की अपील की। पिछले अनुभवों का आधार लेकर स्टार्टअप्स, आईआईटी, नवोन्मेषकों और उद्यमियों से अपील की गई कि वे ऐसे समाधान और कारोबारी मॉडल विकसित करें, जिससे अधिक से अधिक परिवारों की ऊर्जा जरूरतें स्वच्छ ऊर्जा से पूरी की जा सकें।
बीआरई समिट एवं एक्सपो 2026 के दौरान 37 रिपोर्ट, आकलन, गाइडबुक और डिजिटल प्लेटफॉर्म जारी किए गए। इससे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के ज्ञान और साक्ष्य-आधारित ढांचे को मजबूती मिली। यह सम्मेलन विश्व स्तर पर भारत की स्थिति को और माध्यम द्वारा मज़बूत करने का एक बड़ा कदम है।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया है कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का भविष्य उज्ज्वल है। इससे यह भी साबित हुआ कि अच्छी नीतियों, सुधारों और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से न केवल आर्थिक विकास संभव है बल्कि ऊर्जा सुरक्षा को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
इस प्रकार, बीआरई समिट एवं एक्सपो 2026 ने न केवल भारत की ऊर्जा नीति को वैश्विक स्तर पर सराहा है, बल्कि यह देश की नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। यह न केवल निवेशकों के लिए अवसर प्रस्तुत करता है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा जरूरतों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।