भारत के वेयरहाउसिंग सेक्टर में 12% की वार्षिक वृद्धि, 2026 की तिमाही में लीजिंग गतिविधि बढ़ी
भारत के वेयरहाउसिंग सेक्टर में 12% की वार्षिक वृद्धि, 2026 की तिमाही में लीजिंग गतिविधि बढ़ी
NewsPoint•
भारत के वेयरहाउसिंग सेक्टर में 2026 की तीसरी तिमाही में फिर से तेजी आई है। इस दौरान, देश के आठ प्रमुख बाजारों में वेयरहाउसिंग स्पेस की लीजिंग गतिविधि सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 1.91 करोड़ वर्ग फुट पर पहुंच गई। यह वृद्धि खासकर विनिर्माण कंपनियों और थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3पीएल) ऑपरेटरों की मजबूत मांग के चलते हुई है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
दूसरी तिमाही में थोड़ी सुस्ती के बाद यह वृद्धि दिखाई दी है। विनिर्माण गतिविधियों का बढ़ना, लॉजिस्टिक्स का आउटसोर्स करना और त्योहारी सीजन से पहले इन्वेंट्री बढ़ाने के कारण वेयरहाउसिंग सेक्टर में सुधार आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और उच्च तेल एवं माल ढुलाई की लागत के बावजूद इस क्षेत्र में मजबूती बनी रही।रिपोर्ट में बताया गया कि तिमाही के दौरान वेयरहाउसिंग की कुल मांग में विनिर्माण कंपनियों और 3पीएल ऑपरेटरों की भागीदारी 76 प्रतिशत रही। इसमें खासकर ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और इलेक्ट्रिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों की मांग बढ़ी। विनिर्माण क्षेत्र में वेयरहाउसिंग लीजिंग सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ी है। इसके अलावा, 3 पीएल ऑपरेटरों ने वेयरहाउसिंग स्पेस लीज पर लेने में 27 प्रतिशत की वृद्धि देखी है।
कंपनियां अपनी परिचालन लागत को नियंत्रित करने के लिए तेजी से अपने वेयरहाउसिंग और वितरण संबंधी कार्यों को आउटसोर्स कर रही हैं। त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ता केंद्रित क्षेत्रों ने भी अपने वेयरहाउसिंग नेटवर्क का विस्तार किया है। ई-कॉमर्स कंपनियों ने वेयरहाउसिंग स्पेस लीज पर लेने में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसी तरह, एफएमसीजी (दैनिक उपयोग की वस्तुएं) और एफएमसीडी (उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं) कंपनियों की मांग में क्रमशः 101 प्रतिशत और 43 प्रतिशत का उछाल आया है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय साझेदार और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि "विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार और विशेष लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं की बढ़ती भूमिका से देश का वेयरहाउसिंग बाजार नए स्वरूप में ढल रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि "भारत का वेयरहाउसिंग बाजार दो महत्वपूर्ण बदलावों से आकार ले रहा है। इनमें घरेलू विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार और विशेष लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं की बढ़ती भूमिका शामिल है।"
बैजल ने यह भी कहा कि "इस क्षेत्र में विकास का अगला चरण केवल लीजिंग की मात्रा पर ही निर्भर नहीं करेगा, बल्कि विनिर्माण और उपभोग केंद्रों की जरूरतों को पूरा करने वाले स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होगी।" उपयुक्त भूमि की उपलब्धता, समय पर मंजूरी और आधुनिक ढांचे में निवेश एक ऐसे वेयरहाउसिंग इकोसिस्टम के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होंगे, जो भारत की बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
इस प्रकार, भारतीय वेयरहाउसिंग सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग और उद्योग की स्थिरता से साफ है कि यह क्षेत्र अब एक नई दिशा में अग्रसर है।