सुनील गावस्कर की गेंदबाजों पर नाराजगी, वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 में भारत ने 24 रन से हार मानी

NewsPoint•
20 24
भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथे टी-20 मैच में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम के गेंदबाजों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय गेंदबाजों की गलतियों के कारण वेस्टइंडीज ने बड़ा स्कोर बनाया। गावस्कर का यह भी मानना था कि हार के लिए पिच को जिम्मेदार ठहराना गलत है। अब सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है और भारत को अगले मैच में अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगा।

हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में भारत को वेस्टइंडीज से 24 रन से हार मिली। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारत ने 223 रन पर सभी विकेट खो दिए। गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर चर्चा करते हुए कहा कि "जब गेंदबाज फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालते हैं, तो इसके लिए पिच को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?" उन्होंने गेंदबाजों को सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करने की सलाह दी।
श्रेयस अय्यर, जो भारतीय टीम के कप्तान हैं, ने भी मैच के बाद माना कि गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि "बड़े स्कोर का बचाव करने उतरी भारतीय टीम के गेंदबाज लगातार रन लुटाते रहे और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला।"

मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दिया है, जहां बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबला देखने को मिले। लेकिन गावस्कर ने यह कहा कि "परिस्थितियां कैसी भी हों, गेंदबाजों को अपनी बुनियादी रणनीति पर अमल करना जरूरी है।" उन्होंने यह भी बताया कि पिच के बारे में कुछ खिलाड़ियों ने कहा कि "गेंद पिच पर पड़ने के बाद कभी-कभी रुककर आ रही थी और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला।"

गावस्कर ने शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी नाराजगी व्यक्त की। जोसेफ ने अर्शदीप सिंह को एक बाउंसर मारी, जो उनके कंधे पर लगी। अर्शदीप ने बल्लेबाजी जारी रखी, लेकिन जोसेफ ने फिर से बाउंसर फेंकी। इस पर गावस्कर ने कहा, "जब स्टंप्स खुले हुए थे, तब बल्लेबाज को निशाना बनाने के बजाय विकेट लेने की कोशिश की जानी चाहिए थी।"

गावस्कर की टिप्पणियों ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या बड़े स्कोर वाले टी-20 मुकाबलों में पिच से ज्यादा गेंदबाजों की रणनीति और उसके सही क्रियान्वयन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

अब निर्णायक मुकाबले में भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी की कमजोरियों पर काम करना होगा। खासकर सही लाइन और लेंथ, यॉर्कर और दबाव के समय बेहतर रणनीति अपनाना टीम के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

गावस्कर ने कहा कि गेंदबाजों को अपनी रणनीति में सुधार करना चाहिए और सही समय पर सही गेंद डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत लेंथ पर गेंद डालने से बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका मिला।

वेस्टइंडीज के अच्छे प्रदर्शन ने भारत को एक बड़ा सबक दिया है। अगर भारतीय टीम अगले मैच में सुधार नहीं करती, तो सीरीज जीतना मुश्किल हो सकता है।

इस हार ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट में पिच से ज्यादा खिलाड़ियों की रणनीति और उनके प्रदर्शन का महत्व होता है। अब देखना यह है कि भारत अगले मुकाबले में कैसे प्रतिक्रिया करता है।

खेल के इस रोमांचक चेहरों के बीच, सभी को उम्मीद है कि भारतीय टीम आत्म-विश्लेषण करेगी और अपनी गलतियों से सीखेगी। अगले टी-20 में जीत के लिए उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

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