पीएम मोदी ने मन की बात में हेवल नदी के पुनर्जीवन अभियान की प्रशंसा की
पीएम मोदी ने मन की बात में हेवल नदी के पुनर्जीवन अभियान की प्रशंसा की
NewsPoint•
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को मन की बात कार्यक्रम के 139वें एपिसोड में उत्तराखंड की हेवल नदी का जिक्र किया। पीएम मोदी ने बताया कि टिहरी गढ़वाल के लोगों ने मिलकर हेवल नदी को नया जीवन देने की कोशिश की है। हाल ही में हेवल नदी में पानी की कमी हो गई थी और आसपास के जल स्रोत भी सूखने लगे थे। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और गांव के लोगों ने मिलकर हेवल नदी को बचाने का अभियान शुरू किया।
इस अभियान के तहत उन्होंने बारिश के पानी को रोकने के कई उपाय किए। इसके साथ ही, उन्होंने जमीन में पानी पहुंचाने का कार्य भी किया और बड़ी संख्या में पौधे लगाए। आज इस प्रयास की वजह से हेवल नदी को नया जीवन मिल गया है और साथ ही अन्य जल स्रोतों का भी पुनर्जीवन हुआ है। हेवल नदी, नरेंद्र नगर वन प्रभाग में स्थित है और यह सुरकंडा देवी और नागदेवता मंदिर के पास के जंगलों से निकलती है। हेवल नदी के पुनर्जीवन की कहानी 2019-20 में शुरू हुई। भारतीय वन सेवा के अधिकारी धर्म सिंह मीणा के नेतृत्व में वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने 'हेवल नदी पुनर्जीवन' परियोजना की शुरुआत की। यह योजना लैंडस्केप-बेस्ड रेस्टोरेशन के तहत बनाई गई थी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पानी को संरक्षित करना था। पहाड़ों पर ऐसे गड्ढे और संरचनाएं बनाई गईं जिससे बारिश का पानी रुके और वह जमीन के अंदर जा सके। बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया गया ताकि जंगल हरे-भरे हो सकें और जल स्रोत मजबूत हों।
हेवल नदी का महत्व केवल जल स्रोत के तौर पर नहीं है। यह ऋषिकेश के नजदीक है, जो इसे पर्यटन के लिए भी लोकप्रिय बनाता है। रत्तापानी और नीलकंठ रोड जैसे इलाकों में लक्जरी रिवरसाइड कैंपिंग, ईको-टूरिज्म और एडवेंचर गतिविधियां प्रसिद्ध हैं। इन सभी कारणों से, हेवल नदी और इसके पुनर्जीवन की कहानी अपने आप में प्रेरणादायक है।
इस प्रकार, हेवल नदी को नया जीवन देने के इस प्रयास ने न केवल नदी को बल्कि पूरे क्षेत्र के जल स्रोतों को भी संजीवनी दी है। यह सभी के लिए एक बड़ा सबक है कि अगर हम मिलकर प्रयास करें तो प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा कर सकते हैं।