करवा चौथ 2023: विवाहित स्त्रियों के लिए विशेष महत्वपूर्ण व्रत की सभी जानकारियाँ
करवा चौथ 2023: विवाहित स्त्रियों के लिए विशेष महत्वपूर्ण व्रत की सभी जानकारियाँ
NewsPoint•
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। करवा चौथ का पर्व विवाहित महिलाओं के लिए खास होता है। इस साल यह पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना के लिए व्रत करती हैं। पूजा के दौरान वे चांद को छलनी से देखती हैं। इसके बाद उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखती हैं।
कई धार्मिक मान्यताएं इस पर्व से जुड़ी हैं। छलनी का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि यह बुराइयों और नकारात्मकता को रोकने का प्रतीक है। महिलाएं चाहती हैं कि उनका दांपत्य जीवन सुखद और प्रेम से भरा हो। इसलिए वे पति को छलनी से देखती हैं। एक मान्यता के अनुसार, महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत करती हैं। रात में चंद्रमा को सीधे देखने के बजाय छलनी से देखना आसान माना जाता है। छलनी से चांद का प्रकाश मृदु होता है। इसी वजह से महिलाएं इसे पसंद करती हैं। रविवार सुबह, व्रत का प्रारंभ सूर्योदय से पहले सास द्वारा दी गई सरगी (जिसमें मिठाई, फल या अन्य आहार शामिल होते हैं) खाने से होता है। इसके बाद, महिलाएं पूरे दिन बिना न तो कुछ खाती हैं और न ही पानी पीती हैं। शाम में वे मां पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश, कार्तिकेय और करवा माता की पूजा विधि-विधान से करती हैं।
जैसे ही चंद्रमा निकलता है, महिलाएं छलनी से चांद को देखती हैं। फिर वे अपने पति का चेहरा देखती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं। अंत में, अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलती हैं। इस दिन की रस्में केवल पूजा तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि यह महिलाओं के लिए प्यार और समर्पण का प्रतीक भी होती हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक धरोहर का भी हिस्सा है।
करवा चौथ के साथ जुड़ी ये परंपराएं न सिर्फ दांपत्य जीवन को और बेहतर बनाती हैं, बल्कि एकजुटता और प्रेम का भी प्रदर्शन करती हैं।