Nia Courts Big Decision 10 Years Sentence In Lashkar e taiba Recruitment Case Pakistans Conspiracy Revealed In West Bengal
NIA कोर्ट का बड़ा फैसला: लश्कर-ए-तैयबा भर्ती मामले में 10 साल की सजा, पश्चिम बंगाल में पाकिस्तान की साजिश का खुलासा
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कोलकाता की एनआईए अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया है। लश्कर-ए-तैयबा के भर्ती मॉड्यूल मामले में सैय्यद एम इदरीस को 10 साल की जेल हुई है। यह मामला पश्चिम बंगाल में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की पाकिस्तान की साजिश से जुड़ा है। इदरीस इस साजिश का हिस्सा था। एनआईए ने यह मामला 2020 में अपने हाथ में लिया था।
कोलकाता, 22 जनवरी (PTI) - कोलकाता की एक एनआईए अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को 10 साल की कड़ी कैद की सज़ा सुनाई है जो पाकिस्तान के इशारे पर पश्चिम बंगाल में मुस्लिम युवाओं को प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) आतंकी संगठन में भर्ती करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की साजिश रच रहा था। यह जानकारी गुरुवार को अधिकारियों ने दी।
कोलकाता की विशेष एनआईए अदालत ने बुधवार को कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के रहने वाले सैय्यद एम इदरीस को LeT भर्ती मॉड्यूल मामले में दोषी ठहराने के बाद यह सज़ा सुनाई। उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों ने बताया कि दोषी ठहराए गए इदरीस पर 70,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।NIA ने अप्रैल 2020 में पश्चिम बंगाल पुलिस से यह मामला अपने हाथ में लिया था। इसी दौरान उन्होंने इदरीस को एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पहले, मार्च 2020 में पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना के बदुरिया से एक अन्य LeT ऑपरेटिव तानिया परवीन को गिरफ्तार किया था। तानिया के पास से ऐसे प्रकाशन मिले थे जो मुस्लिम युवाओं को भारत के खिलाफ 'जिहाद' में शामिल होने के लिए उकसा रहे थे।
NIA अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अभी चल रही है। यह मामला पाकिस्तान द्वारा रची गई एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसका मकसद पश्चिम बंगाल में युवाओं को आतंकवाद की राह पर धकेलना था। इदरीस इस साजिश का एक अहम हिस्सा था।