Silver Price Surge What Is The Right Strategy For Investors
निवेशकों के लिए क्या हो अब सही रणनीति?
नवभारत टाइम्स•
प्रमुख फंड हाउसों द्वारा सिल्वर ईटीएफ में एकमुश्त निवेश रोकने के बावजूद चांदी की कीमतों में उछाल आया है। घरेलू बाजार में चांदी की कमी, त्योहारी मांग और निवेशकों द्वारा स्टॉक जमा करने से कीमतें बढ़ी हैं। यह एक अस्थायी घरेलू असंतुलन है।
प्रमुख फंड हाउसों द्वारा सिल्वर ईटीएफ में एकमुश्त निवेश रोकने के बावजूद चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। यह तेजी मुख्य रूप से घरेलू बाजार में चांदी की आपूर्ति में असंतुलन और त्योहारी मांग के कारण है, जिसके चलते सिल्वर ईटीएफ अपने उचित मूल्य से काफी अधिक प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अस्थायी घरेलू समस्या है और त्योहारी सीजन के बाद आयात बढ़ने और आभूषण निर्माताओं की मांग कम होने पर प्रीमियम में कमी आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।
आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड की म्यूचुअल फंड प्रमुख श्वेता रजनी के अनुसार, भारत में सिल्वर ईटीएफ पर जो प्रीमियम दिख रहा है, उसका सीधा संबंध कीमतों के प्रदर्शन से कम और आपूर्ति में गड़बड़ी से ज्यादा है। उन्होंने बताया कि घरेलू बाजार में असली चांदी की भारी कमी है। इसी वजह से सिल्वर ईटीएफ बहुत ज्यादा प्रीमियम पर बिक रहे हैं। कुछ ईटीएफ तो अपने असली दाम या आयात मूल्य से 10 से 18 फीसदी ऊपर चल रहे हैं। इसका मतलब है कि निवेशक असली चांदी के दाम से कहीं ज्यादा पैसे दे रहे हैं।ट्रेडजिनी के सीओओ त्रिवेश डी ने बताया कि चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे कई कारण हैं। स्थानीय स्तर पर चांदी की कमी, त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग, निवेशकों द्वारा स्टॉक जमा करना और आयात का कम होना, ये सब मिलकर कीमतों को बढ़ा रहे हैं। त्रिवेश डी का कहना है कि यह कोई वैश्विक स्तर पर कीमतों का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह एक अस्थायी घरेलू समस्या है। जब आयात सामान्य हो जाएगा और त्योहारी सीजन के बाद ज्वैलर्स की मांग कम हो जाएगी, तब प्रीमियम में कमी आने की उम्मीद है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निवेशकों को इस तेजी में शामिल होना चाहिए? विशेषज्ञों की राय है कि मौजूदा प्रीमियम पर निवेश करना समझदारी नहीं है, क्योंकि निवेशक अंतर्निहित चांदी के वास्तविक मूल्य से कहीं अधिक भुगतान कर रहे हैं। यह एक तरह का घरेलू असंतुलन है, जो शायद जल्द ही ठीक हो जाए। इसलिए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें और विशेषज्ञों की राय लें।