फर्जी ऐप्स, वट्सऐप ग्रुप के झांसे में न आएं: सेबी

नवभारत टाइम्स

सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडेय ने निवेशकों को फर्जी ऐप्स और वट्सऐप ग्रुप से सावधान रहने की सलाह दी है। जालसाज निवेशकों को असली ब्रोकर तक पहुंचने से पहले ही ठग लेते हैं। सेबी AI और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसे स्कैमर्स को पकड़ेगा। निवेशक 'SEBI Check' जैसे टूल का उपयोग करें। लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें।

sebis warning beware of fake apps and whatsapp groups scammers trick investors this way
नई दिल्ली: सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडेय ने बताया है कि धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खास तौर पर ऐसे 'प्री-इन्वेस्टमेंट' घोटालों पर नजर रखी जा रही है, जिनमें ठग असली ब्रोकर तक पहुंचने से पहले ही निवेशकों को नकली ऐप्स और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ठग लेते हैं। सेबी चीफ ने कहा कि कई नए निवेशक नकली ट्रेडिंग ऐप्स, व्हाट्सएप ग्रुप और भारी मुनाफे के लालच में फंस रहे हैं। ये धोखेबाज लोगों को सेबी से रजिस्टर्ड ब्रोकरों तक पहुंचने से पहले ही गुमराह कर देते हैं और पैसा अपने निजी खातों में जमा करवा लेते हैं।

एक इंटरव्यू में उन्होंने ' SEBI Check' जैसे टूल का जिक्र किया। इस टूल की मदद से कोई भी निवेशक यह जांच सकता है कि जिस संस्था में वह पैसा लगा रहा है, वह असली है या नहीं। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे 'डेरिवेटिव्स' जैसे जटिल और जोखिम भरे ट्रेड के बजाय एसआईपी (SIP) और म्यूचुअल फंड जैसे लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें। उन्होंने बिना रजिस्ट्रेशन वाले फिनफ्लुएंशर्स (सोशल मीडिया पर निवेश की सलाह देने वाले) के झांसे में न आने की चेतावनी भी दी।
फिलहाल भारत में 14 करोड़ से ज्यादा निवेशक हैं। सेबी प्रमुख ने कहा कि सेबी का पूरा ध्यान 'कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट' पर है। पांडेय ने अपने कार्यकाल का दूसरा साल इसी बाजार को समर्पित करने का फैसला किया है। पांडेय ने बताया कि बाजार में नकदी बढ़ाने और निवेशकों की संख्या बढ़ाने के लिए आरबीआई (RBI) के साथ मिलकर 'क्रेडिट बॉन्ड इंडेक्स' और उससे जुड़े 'डेरिवेटिव्स' पेश करने की योजना है।

सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडेय ने स्कैमर्स को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों का सहारा लेने की बात कही है। उन्होंने खासकर उन 'प्री-इन्वेस्टमेंट' घोटालों पर जोर दिया, जहां धोखेबाज निवेशकों को असली ब्रोकर तक पहुंचने से पहले ही नकली ऐप्स और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ठग लेते हैं। सेबी चीफ ने बताया कि कई नए निवेशक नकली ट्रेडिंग ऐप्स, व्हाट्सएप ग्रुप और भारी मुनाफे के लालच में आकर फंस रहे हैं। ये जालसाज लोगों को सेबी से रजिस्टर्ड ब्रोकरों तक पहुंचने से पहले ही गुमराह कर देते हैं और पैसा अपने निजी खातों में डलवा लेते हैं।

एक इंटरव्यू में उन्होंने 'SEBI Check' जैसे टूल का जिक्र किया। इस टूल की मदद से कोई भी निवेशक यह जांच सकता है कि जिस संस्था में वह पैसा लगा रहा है, वह असली है या नहीं। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे 'डेरिवेटिव्स' जैसे जटिल और जोखिम भरे ट्रेड के बजाय एसआईपी (SIP) और म्यूचुअल फंड जैसे लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें। उन्होंने बिना रजिस्ट्रेशन वाले फिनफ्लुएंशर्स (सोशल मीडिया पर निवेश की सलाह देने वाले) के झांसे में न आने की चेतावनी भी दी।

फिलहाल भारत में 14 करोड़ से ज्यादा निवेशक हैं। सेबी प्रमुख ने कहा कि सेबी का पूरा ध्यान 'कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट' पर है। पांडेय ने अपने कार्यकाल का दूसरा साल इसी बाजार को समर्पित करने का फैसला किया है। पांडेय ने बताया कि बाजार में नकदी बढ़ाने और निवेशकों की संख्या बढ़ाने के लिए आरबीआई (RBI) के साथ मिलकर 'क्रेडिट बॉन्ड इंडेक्स' और उससे जुड़े 'डेरिवेटिव्स' पेश करने की योजना है।