Strict Action On Stubble Burning Dcs dms Get New Powers Negligent Officials To Face Consequences
पराली जलाने में लापरवाही पर नपेंगे अफसर, DC-DM के बढ़े अधिकार
नवभारत टाइम्स•
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के लिए जिला उपायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट को अधिक अधिकार दिए हैं। वे लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हरियाणा सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की है। इससे वे दो सीजन तक फसल नहीं बेच पाएंगे।
एनबीटी न्यूज, चंडीगढ़
पराली जलाने की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए अब जिला उपायुक्त (DC), जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट (DM) को और अधिकार मिल गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को यह बड़ा फैसला लिया है। अब ये अधिकारी सीधे न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इतना ही नहीं, पराली जलाने से रोकने में नाकाम रहने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी वे दंडात्मक कार्रवाई कर पाएंगे। पहले सिर्फ फ्लाइंग स्क्वाड को ही पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने का अधिकार था।CAQM के नए आदेश के बाद, DC और DM उन नोडल अधिकारियों और सुपरवाइजर आफिसर के खिलाफ भी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जो पराली जलाने की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करते। आयोग ने साफ कहा है कि पराली जलाने से रोकने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई बहुत जरूरी है। इसी वजह से संबंधित जिलों के अधिकारियों को ये खास शक्तियां दी जा रही हैं, ताकि वे दोषियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकें और इस समस्या पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगा सकें।
हरियाणा सरकार ने पराली जलाने वालों के खिलाफ पहले ही कड़ा रुख अपना रखा है। अब तक 22 किसानों के रिकॉर्ड में "रेड एंट्री" कर दी गई है। इस कार्रवाई का सीधा असर इन किसानों पर पड़ रहा है। वे अगले दो सीजन तक अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज मंडियों में नहीं बेच पाएंगे। इसके अलावा, इन किसानों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा और FIR भी दर्ज की जाएगी। उन अधिकारियों से भी जवाब मांगा जाएगा, जिनकी लापरवाही के कारण पराली जलाने की घटनाएं हुईं। जिन किसानों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें चरखी दादरी के 15, जींद के 4, करनाल के 2 और फतेहाबाद का 1 किसान शामिल है।
पहले भी जिला प्रमुखों को लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत दर्ज कराने की अनुमति थी। लेकिन अब CAQM के आदेश के तहत, उपायुक्तों, जिला कलेक्टरों और जिला मजिस्ट्रेटों को अपने अधिकार क्षेत्र में पराली जलाने पर प्रतिबंध लागू करने के लिए जिम्मेदार नोडल अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने का सीधा अधिकार मिल गया है। यह कदम पराली जलाने की समस्या से निपटने में सरकारी तंत्र को और मजबूत करेगा।