मैन्युफैक्चरिंग में रिसर्च पर करें फोकस : मोदी

नवभारत टाइम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों से रिसर्च और नई तकनीक पर जोर देने को कहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर की तलाश में है। भारत के पास ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का बड़ा मौका है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से मिले अवसरों का लाभ उठाने के लिए क्वालिटी से समझौता न करें।

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उद्योग जगत के दिग्गजों से कहा कि वे निवेश बढ़ाएं, नई तकनीकों को अपनाएं और रिसर्च को अहमियत दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) से मिलने वाले बड़े मौकों का फायदा उठाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है। बजट 2026-27 पर दूसरे वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि आज दुनिया ऐसे मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर की तलाश में है जिन पर भरोसा किया जा सके और जो मजबूत हों। भारत के पास इस भूमिका को निभाने और ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का शानदार मौका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि रिसर्च के मामले में कंजूसी करने का समय अब बीत चुका है। हमें ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से क्वालिटी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने बताया कि भारत ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। इन समझौतों ने देश के लिए संभावनाओं के नए रास्ते खोले हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम क्वालिटी के साथ कभी समझौता न करें। अगर कोई एक ऐसा क्षेत्र है जहां हमें अपनी पूरी ताकत, बुद्धि और ध्यान लगाना चाहिए, तो वह क्वालिटी ही है। हमारे प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में क्वालिटी ही हमें सुनहरा मौका दिला सकती है। हमें ऐसे प्रोडक्ट्स बनाने होंगे जो ग्राहकों के काम आएं।
पीएम ने कहा कि आज दुनिया भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर चाहती है और भारत के पास इस कमी को पूरा करने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। यह हमारे लिए एक बड़ा अवसर है कि हम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी स्थिति मजबूत करें।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमें उभरती हुई टेक्नोलॉजी को अपनाने में पीछे नहीं रहना चाहिए। नई टेक्नोलॉजी हमें और अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगी। रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश करके हम ऐसे उत्पाद बना सकते हैं जो दुनिया भर में पसंद किए जाएं।

उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि वे इन अवसरों का पूरा लाभ उठाएं। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का मतलब है कि हमारे उत्पादों के लिए नए बाजार खुल गए हैं। लेकिन इन बाजारों में सफल होने के लिए हमें क्वालिटी पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा। ग्राहकों को वही उत्पाद पसंद आते हैं जो भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाले हों।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के पास दुनिया की मैन्युफैक्चरिंग जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है। हमें इस क्षमता का उपयोग करना चाहिए और दुनिया को दिखाना चाहिए कि भारत एक विश्वसनीय और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है।