NBT रिपोर्ट : क्या 10,000 रुपये से कम कीमत वाले बजट स्मार्टफोन जल्द ही बाजार से गायब हो सकते हैं? इंडस्ट्री के जानकारों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि फोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कल-पुर्जों, खासकर 'मेमोरी' की बढ़ती कीमतों की वजह से कंपनियां दाम बढ़ाने पर मजबूर हैं।
मोबाइल विक्रेताओं का कहना है कि ऑफलाइन बाजार में अब 10,000 रुपये से कम में कोई नया 5G फोन उपलब्ध नहीं है। ज्यादातर ब्रैंड्स ने अपने पुराने मॉडल्स के दाम भी बदल दिए हैं। जो 5G हैंडसेट पहले 8,500 रुपये में बिक रहे थे, उनकी कीमत अब 11,000 रुपये तक पहुंच गई है।
क्या बिक्री पर होगा असर? : Counterpoint रिसर्च के मुताबिक, इस रेंज वाले स्मार्टफोन की बिक्री इस साल 20% तक गिर सकती है। वजह ये है कि बड़े ब्रैंड्स अब ज्यादा कीमत वाले सेगमेंट की तरफ बढ़ रहे हैं। यह बदलाव अभी से दिखने लगा है। रिसर्च फर्म का कहना है कि 2019 में जिस बजट सेगमेंट की बाजार में तूती बोलती थी, पिछले साल हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 18% रह गई।
क्या होगा इस सेगमेंट में? : IDC का कहना है कि जब मेमोरी की कीमतें हर तिमाही बढ़ रही हों, तो बजट स्मार्टफोन का गणित बैठ नहीं पाता। कंपनियां या तो इससे बाहर निकल जाएंगी या फिर बढ़ी हुई कीमतों पर कम फीचर्स वाले फोन बेचेंगी।
क्या है वजह? : दुनिया भर में 2025 में करीब 13,650 रुपये से कम के 36 करोड़ स्मार्टफोन भेजे गए। भारत जैसे बड़े बाजारों में इनकी हिस्सेदारी कुल बिक्री की 30% थी। IDC का कहना है कि मेमोरी की बढ़ती लागत ने इस सेगमेंट को घाटे का सौदा बना दिया है। पिछले एक दशक से यह ट्रेंड था कि लोगों को कम दाम में बेहतर फीचर्स वाले फोन मिल रहे थे, लेकिन अब यह सिलसिला उल्टा घूमने लगा है।
कंपनियों ने क्या किया?: शाओमी (Xiaomi), उसके सब-ब्रांड Poco और मोटोरोला जैसे बड़े ब्रैंड्स ने 1 मार्च से अपने मौजूदा 5G मॉडल्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। 2026 में इस सेगमेंट में कोई नया फोन लॉन्च नहीं किया है। Lava और Itel जैसी कुछ कंपनियों ने नए मॉडल तो उतारे हैं, लेकिन लागत कम रखने के लिए वे 5G के बजाय 4G तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।



