युद्ध का असर

नवभारत टाइम्स

युद्ध के कारण खाने के तेल की थोक कीमतों में 5% तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर कुछ हफ्तों में खुदरा कीमतों पर दिखेगा। खजूर के दाम 10-20% तक बढ़ गए हैं। सप्लाई रुकने से खजूर की कीमतों में यह उछाल आया है। बादाम, पिस्ता और अंजीर की कीमतों में भी 5-8% की वृद्धि दर्ज की गई है।

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खाने के तेल की कीमतों में 5% तक की बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर कुछ हफ्तों में खुदरा दामों पर दिखेगा। वहीं, खजूर के दाम सप्लाई रुकने के कारण 20% तक बढ़ गए हैं, जबकि बादाम, पिस्ता और अंजीर जैसे मेवों में 5-8% का उछाल आया है।

खाने के तेल के थोक भाव में 5% तक की वृद्धि देखी गई है। इस बढ़ोतरी का असर आम जनता को कुछ हफ्तों में खुदरा कीमतों पर महसूस होगा। यानी, अब खाने का तेल खरीदना थोड़ा महंगा हो जाएगा।
दूसरी ओर, खजूर की कीमतों में भारी उछाल आया है। सप्लाई रुकने की वजह से खजूर के दाम 10-20% तक बढ़ गए हैं। यह खबर उन लोगों के लिए थोड़ी चिंताजनक हो सकती है जो खजूर का सेवन करते हैं।

इसके अलावा, मेवों के बाजार में भी तेजी देखी गई है। बादाम, पिस्ता और अंजीर जैसे सूखे मेवों की कीमतों में 5-8% का इजाफा हुआ है। यह बढ़ोतरी भी ग्राहकों की जेब पर थोड़ा भारी पड़ सकती है।