Ai Causing Smartphone Memory To Become Expensive Prices Could Rise Up To 200
क्या AI बढ़ा रहा दाम?
नवभारत टाइम्स•
एआई की बढ़ती मांग से मेमोरी चिप्स की कीमतें आसमान छू रही हैं। डेटा सेंटर के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी को प्राथमिकता मिलने से स्मार्टफोन के लिए पुरानी मेमोरी की आपूर्ति कम हो गई है। 2026 तक फोन मेमोरी की लागत में 200% तक की वृद्धि का अनुमान है।
AI की वजह से मेमोरी की कीमतें आसमान छू रही हैं। AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग के कारण, मेमोरी बनाने वाली कंपनियां अब स्मार्टफोन के लिए पुरानी मेमोरी बनाने के बजाय हाई-बैंडविड्थ मेमोरी ( High-Bandwidth Memory ) बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इस वजह से, 2026 की पहली तिमाही तक 8GB + 256GB मेमोरी वाले एक आम स्मार्टफोन की कीमत पिछले साल के मुकाबले करीब 200% तक बढ़ सकती है। पहले फोन की कुल लागत में मेमोरी का हिस्सा 10-15% होता था, जो अब बढ़कर 30-40% हो गया है।
जानकारों का कहना है कि AI की वजह से मेमोरी की कीमतों में यह भारी उछाल आया है। AI के लिए बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स की जरूरत होती है। इन डेटा सेंटर्स में बहुत ज्यादा मेमोरी की खपत होती है। इसलिए, मेमोरी बनाने वाली कंपनियां अब स्मार्टफोन के लिए कम मेमोरी बनाने लगी हैं। वे हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (High-Bandwidth Memory) बनाने को ज्यादा अहमियत दे रही हैं। यह हाई-बैंडविड्थ मेमोरी AI के लिए बहुत जरूरी होती है।सप्लाई चेन पर नजर रखने वाली फर्म Trendforce की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्थिति और बिगड़ने वाली है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 8GB + 256GB मेमोरी वाले एक आम फोन की कीमत 2026 की पहली तिमाही तक पिछले साल के मुकाबले लगभग 200% बढ़ जाएगी। इसका मतलब है कि जो फोन आज 20,000 रुपये का मिल रहा है, वह 2026 तक 60,000 रुपये का हो सकता है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर स्मार्टफोन की कुल लागत पर पड़ रहा है। पहले फोन बनाने के कुल खर्च में मेमोरी का हिस्सा सिर्फ 10-15% होता था। लेकिन अब यह बढ़कर 30-40% तक पहुंच गया है। यानी, फोन का एक बड़ा हिस्सा अब मेमोरी की कीमत के कारण महंगा हो रहा है। यह आम लोगों के लिए स्मार्टफोन खरीदना और महंगा बना देगा।