Ola uber Strike In Mumbai Taxi auto Services Closed Passengers Face Major Inconvenience
मुंबई में आज ओला-उबर टैक्सी और ऑटो सेवाएं बंद हैं। इन सेवाओं को चलाने वाले ड्राइवर हड़ताल पर हैं। ड्राइवरों का कहना है कि कंपनियों ने टैक्सी और ऑटो का किराया कम कर दिया है। इससे उनकी कमाई घट गई है। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। एक ड्राइवर ने कहा, "हमने कंपनियों से किराया बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी।" इस हड़ताल की वजह से आज मुंबई के लोगों को सफर करने में दिक्कत हो सकती है। बहुत से लोग काम पर जाने या कहीं और पहुंचने के लिए ओला-उबर का इस्तेमाल करते हैं। यह हड़ताल मुंबई की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर असर डाल सकती है।
नवभारत टाइम्स•
मुंबई में आज ओला-उबर टैक्सी और ऑटो सेवाएं बंद हैं। ड्राइवर किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस हड़ताल से यात्रियों को परेशानी हो सकती है। यह विरोध प्रदर्शन ऐप कंपनियों के खिलाफ है। ड्राइवर चाहते हैं कि किराए में बढ़ोतरी हो और बाइक टैक्सी को अनुमति न मिले।
मुंबई में कल, यानी गुरुवार को ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित टैक्सी और ऑटो रिक्शा सेवाएं बंद रहेंगी। भारतीय गिग वर्कर्स फोरम (Indian Gig Workers Forum) ने यह फैसला लिया है। फोरम के केशव क्षीरसागर ने ऐप-आधारित टैक्सी और ऑटो चालकों से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। उनकी मुख्य मांगें ऐप पर चलने वाले किराए को बढ़ाना और पूरे राज्य में बाइक टैक्सी को अनुमति न देना है। हालांकि, इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन (Indian Federation of App-Based Transport Workers Union) ने इस हड़ताल में शामिल न होने की बात कही है।
ऐप-आधारित टैक्सी और ऑटो चालक 15 जुलाई से राज्य परिवहन विभाग के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐप कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। क्षीरसागर ने बताया कि गुरुवार को देश भर के आर्थिक विशेषज्ञ मुंबई में एक बैठक के लिए आ रहे हैं। इस मौके पर वे एक दिन की हड़ताल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना चाहते हैं। इसमें राज्य परिवहन विभाग की लापरवाही भी शामिल है।इस हड़ताल की वजह से मुंबई के लोगों को कल सफर करने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। टैक्सी और ऑटो चालकों की मुख्य मांगें ऐप पर किराए को बढ़ाना और बाइक टैक्सी का विरोध करना है। उम्मीद है कि इस विरोध प्रदर्शन से आम लोगों का ध्यान इस मुद्दे पर जाएगा।
केशव क्षीरसागर ने कहा है कि उन्होंने ऐप-आधारित टैक्सी और ऑटो चालकों से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। उनकी मुख्य मांगें हैं कि ऐप पर चलने वाले किराए को बढ़ाया जाए और पूरे राज्य में बाइक टैक्सी को अनुमति न दी जाए।
इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन (Indian Federation of App-Based Transport Workers Union) ने इस हड़ताल में शामिल न होने की बात कही है।
ऐप-आधारित टैक्सी और ऑटो चालक 15 जुलाई से राज्य परिवहन विभाग के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐप कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
क्षीरसागर ने बताया कि गुरुवार को देश भर के आर्थिक विशेषज्ञ मुंबई में एक बैठक के लिए आ रहे हैं। इस मौके पर वे एक दिन की हड़ताल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना चाहते हैं। इसमें राज्य परिवहन विभाग की लापरवाही भी शामिल है।
इस हड़ताल की वजह से मुंबई के लोगों को कल सफर करने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। टैक्सी और ऑटो चालकों की मुख्य मांगें ऐप पर किराए को बढ़ाना और बाइक टैक्सी का विरोध करना है। उम्मीद है कि इस विरोध प्रदर्शन से आम लोगों का ध्यान इस मुद्दे पर जाएगा।