‘आधुनिक शिक्षा के साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान का मेल जरूरी’

नवभारतटाइम्स.कॉम

लखनऊ में शिक्षा संवाद कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह ने प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों और मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा के तालमेल पर जोर दिया। विकास के साथ संस्कारों को बनाए रखने की बात कही गई।

integration of ancient indian knowledge in modern education demand raised in education dialogue

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से हजरतगंज स्थित क्राइस्ट चर्च कॉलेज में शिक्षा संवाद कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह मौजूद रहे। डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

उन्होंने विशेष रूप से अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों और मदरसों का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा का तालमेल जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि विकास की दौड़ में हमें अपने मूल संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए।

यह रहे मौजूद रहे: क्राइस्ट चर्च स्कूल के मैनेजर राकेश छेत्री, प्रिंसिपल इनोस छेत्री, पूर्व सदस्य, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग के पूर्व सदस्य ललित श्रीवास्तव, एसएन पांडेय, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पूर्व निदेशक उमेश त्रिपाठी, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक मौलाना सूफियान निजामी और उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के पूर्व सदस्य कमर अली शामिल रहे।

रेकमेंडेड खबरें