फर्ज़ी दान के जरिए हुई मनी लॉन्ड्रिंग, ED को मिले दस्तावेज़

Contributed byAnkur.Tiwari|नवभारतटाइम्स.कॉम
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n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी में फर्जी दान के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इसके साथ ही अवैध तरीके से किसानों की जमीनों व शत्रु संपत्तियों पर कब्जे किए गए। बुधवार को ईडी द्वारा रामपुर, सहारनपुर व नई दिल्ली में की गई छापेमारी में ऐसी कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं।

एजेंसी के मुताबिक तलाशी में ऐसे दस्तावेज बरामद हुए हैं जो ट्रस्ट को मिले कथित फर्जी दान से जुड़े हैं। ईडी की जांच का केंद्र अब वह मनी ट्रेल है जो कथित अपराध से उत्पन्न हुआ, उसे छिपाया गया, अपने कब्जे में रखा गया और बाद में यूनिवर्सिटी के निर्माण व अन्य परिसंपत्तियां खड़ी करने में इस्तेमाल किया गया। एजेंसी यह पता लगा रही है कि जमीनों के कथित अवैध अधिग्रहण और अन्य आरोपित गतिविधियों से जुड़े धन को किस माध्यम से ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक पहुंचाया गया। इसके अलावा बड़ी मात्रा में डिजिटल रेकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी इन रेकॉर्ड के जरिए धन के स्रोत, उसके लेनदेन और उपयोग की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि कहीं अपराध से अर्जित धन को वैध दान या अन्य माध्यमों के रूप में दिखाकर इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
ईडी ने रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर और कोतवाली रामपुर में दर्ज एक अन्य एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की है। इन मामलों में जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति आजम खां व अन्य पदाधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने किसानों की जमीनों तथा भारत सरकार की शत्रु संपत्ति को अवैध तरीके से विवि के लिए हासिल किया।

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