अमेरिकी सांसद ने उत्तरी वर्जीनिया में आव्रजन एजेंट द्वारा बंदूक तानने की घटना की एफबीआई जांच की मांग की
अमेरिकी सांसद ने उत्तरी वर्जीनिया में आव्रजन एजेंट द्वारा बंदूक तानने की घटना की एफबीआई जांच की मांग की
NewsPoint•
वॉशिंगटन, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम और पांच अन्य अमेरिकी सांसदों ने उत्तरी वर्जीनिया में एक आव्रजन (इमिग्रेशन) एजेंट द्वारा एक अमेरिकी नागरिक पर लोडेड बंदूक तानने की घटना की एफबीआई जांच और न्याय विभाग द्वारा नागरिक अधिकारों की समीक्षा कराने की मांग की है। यह घटना 10 अगस्त को फॉल्स चर्च में हुई थी, जब इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) के अधिकारियों ने कैरोलिना मोलिना की कार को घेर लिया था। सांसदों ने इस मामले में न्याय विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग से 31 अगस्त तक जवाब मांगा है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कैरोलिना मोलिना, जो एक लाइसेंस प्राप्त पेशेवर काउंसलर हैं, बेलेज क्रॉसरोड्स स्थित एक शॉपिंग सेंटर से निकल रही थीं। वह वहां आव्रजन मामलों से जुड़े ग्राहकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन का काम करती हैं। अचानक, बिना चिन्हित वाहनों ने उनकी कार को आगे और पीछे से घेर लिया। इसके बाद, नकाबपोश संघीय एजेंटों ने उनकी कार को चारों ओर से घेर लिया। आरोप है कि उनमें से एक एजेंट ने मोलिना के सिर पर बंदूक तान दी। मोलिना द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एजेंट को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "हां, इसे रिकॉर्ड करो। तुमने लगभग हमें कुचल ही दिया था।" मोलिना ने जवाब दिया, "मैंने आपको कुचलने की कोशिश नहीं की।" एजेंट ने फिर कहा, "तुमने लगभग हमें कुचल दिया था। बहाने मत बनाओ। मैं तुम्हें गिरफ्तार कर लूंगा।" जब मोलिना ने कहा, "मैं एक वैध अमेरिकी नागरिक हूं," तो एजेंट ने जवाब दिया, "मुझे इसकी परवाह नहीं है।"सांसदों ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि उपलब्ध वीडियो फुटेज में ऐसा कहीं भी नहीं दिखता कि मोलिना ने आईसीई अधिकारियों को कुचलने की कोशिश की हो या उनकी सुरक्षा को खतरे में डाला हो। उन्होंने कहा कि घातक खतरे का दावा वीडियो फुटेज से पूरी तरह खारिज होता है। इसके अलावा, जब मोलिना ने बताया कि उनके पास डैशकैम की रिकॉर्डिंग है, तब अधिकारियों ने न तो उन्हें हिरासत में लिया और न ही उन पर कोई आरोप लगाया।
हालांकि, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने मोलिना को "आईसीई विरोधी भड़काने वाली" बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने अपने वाहन का इस्तेमाल अधिकारियों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया। सांसदों ने इस भाषा को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि अतीत में भी इसी तरह के दावों का इस्तेमाल घातक बल के प्रयोग को उचित ठहराने के लिए किया गया था, जिन्हें बाद में वीडियो साक्ष्यों ने चुनौती दी।
सुहास सुब्रमण्यम, जिनके संसदीय क्षेत्र में मोलिना का समुदाय भी शामिल है, ने कहा कि यदि संघीय एजेंसियां कार्रवाई नहीं करती हैं तो भी सांसद जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, "हम हर संभव कोशिश करेंगे। हम प्रत्येक आईसीई अधिकारी को जवाबदेह ठहराएंगे। यदि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक दबाव और सार्वजनिक आलोचना का सहारा लेना पड़े, तो वह भी किया जाएगा।" सुब्रमण्यम ने यह भी कहा कि संबंधित एजेंट को कांग्रेस के सामने आकर अपने व्यवहार और कार्रवाई की व्याख्या करनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) पर फिर से नियंत्रण हासिल करती है, तो एजेंट को समन भी भेजा जा सकता है।
इस पत्र पर वर्जीनिया के सांसद डॉन बेयर और जेम्स वॉकिनशॉ, हाउस ओवरसाइट कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य रॉबर्ट गार्सिया, होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी के वरिष्ठ सदस्य बेनी थॉम्पसन और न्यायिक समिति के वरिष्ठ सदस्य जेमी रास्किन ने भी हस्ताक्षर किए हैं। सांसदों ने अधिकारियों के नाम, पदनाम, वाहन-रोक कार्रवाई संबंधी प्रशिक्षण रिकॉर्ड, अनुशासनात्मक इतिहास और घटना से जुड़ी बॉडी कैमरा, मोबाइल फोन तथा वाहन कैमरों की सभी पूर्ण और बिना संपादित रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
उन्होंने आईसीई के उन दिशा-निर्देशों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि बल का उपयोग तभी किया जाना चाहिए जब कोई सुरक्षित और प्रभावी विकल्प उपलब्ध न हो। साथ ही, प्रवर्तन कार्रवाई की शुरुआत में बॉडी कैमरा सक्रिय करना अनिवार्य है। मोलिना की रिकॉर्डिंग में कम से कम तीन अधिकारी बॉडी कैमरा पहने दिखाई देते हैं।
मोलिना ने कहा कि इस घटना के बाद उन्हें अपने जीवन को लेकर डर महसूस हुआ। भविष्य में दूसरों को सलाह देने के सवाल पर उन्होंने कहा, "किसी भी चीज़ पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और बहुत सावधानी से आगे बढ़ें।"
यह घटना अमेरिकी नागरिक अधिकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाती है। सांसदों का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त न किया जाए। वे इस मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
यह भी महत्वपूर्ण है कि सांसदों ने इस बात पर जोर दिया कि वीडियो साक्ष्य इस दावे का खंडन करते हैं कि मोलिना ने अधिकारियों के लिए कोई खतरा पैदा किया था। यह दर्शाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक, जैसे कि डैशकैम और बॉडी कैमरे, घटनाओं की सच्चाई को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सांसदों का यह भी कहना है कि आईसीई के अपने ही दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया, खासकर बॉडी कैमरे के उपयोग के संबंध में। यह एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह संभावित रूप से जवाबदेही को कम कर सकता है।
सुहास सुब्रमण्यम का यह बयान कि वे हर संभव कोशिश करेंगे और हर आईसीई अधिकारी को जवाबदेह ठहराएंगे, यह दर्शाता है कि वे इस मामले को हल्के में नहीं ले रहे हैं। सार्वजनिक दबाव और आलोचना का सहारा लेने की उनकी बात यह भी बताती है कि वे जनता की राय को भी इस लड़ाई में एक महत्वपूर्ण हथियार मानते हैं।
संक्षेप में, यह मामला कानून प्रवर्तन की शक्ति के दुरुपयोग, नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और जवाबदेही की आवश्यकता पर केंद्रित है। सांसदों का हस्तक्षेप यह सुनिश्चित करने का एक प्रयास है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और सभी नागरिकों के साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।