जम्मू-कश्मीर: कारगिल चेकपॉइंट पर महिला का गुस्सा, सीएम उमर अब्दुल्ला ने 'जेन-जी' रवैये पर जताई चिंता

NewsPoint
Navbharat Times
जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में एक चेकपॉइंट पर रोके जाने से नाराज एक महिला पर्यटक के वीडियो पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. महिला ने सुरक्षाकर्मियों से बहस करते हुए कहा था, "हम जेन-जी हैं, यह बर्दाश्त नहीं करेंगे." यह वीडियो पिछले महीने का बताया जा रहा है, जिसमें एक चेकपॉइंट पर कई गाड़ियां रोकी गई हैं. घंटों इंतजार के बाद महिला पर्यटक का गुस्सा फूट पड़ा और उसने वीडियो बनाना शुरू कर दिया. उसने कहा, "हम लोग यहीं धरने पर बैठेंगे. हम देखते हैं कि आपका मंत्री यहां से कैसे निकलेगा. हम लोग जेन-जी हैं. हम लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे." उसने वहां मौजूद अन्य लोगों से भी पूछा कि क्या वे उसके साथ धरने पर बैठेंगे. महिला ने कहा, "गाड़ी निकालो और चलो. देखते हैं कि कैसे रोकते हैं, पांच घंटे हो गए हैं." उसने यह भी कहा कि वे पैसे देकर घूमने आते हैं, यह सब देखने नहीं. महिला ने आरोप लगाया कि ये लोग कश्मीरी लोगों के साथ तो ऐसा करते ही थे, अब पर्यटकों के साथ भी ऐसा कर रहे हैं. इस पर मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 'हम जेन-जी हैं' कहना अब 'जानते नहीं हो मेरे पिता कौन हैं' कहने जैसा नया रवैया बन गया है. उन्होंने कहा कि 'जेन-जी' के प्रति बनी अच्छी छवि को खराब करने का सबसे तेज तरीका है कि जरा सी भी ठेस पहुंचने पर इसे धमकी की तरह इस्तेमाल किया जाए. यह वीडियो कारगिल जिले के द्रास में एक चेकपॉइंट का है, जहां गाड़ियों को रोकना आम बात है. लेकिन लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि प्रशासन को यह बताना चाहिए कि आखिर ट्रैफिक क्यों रोका गया था? क्या किसी मंत्री के लिए लोगों को घंटों रोका गया था या कोई सुरक्षा खतरा था?

यह घटना कारगिल के द्रास इलाके में हुई, जहां एक चेकपॉइंट पर पर्यटकों को काफी देर तक रोका गया. इस दौरान एक महिला पर्यटक का सब्र जवाब दे गया. उसने सुरक्षाकर्मियों से नाराजगी जताई और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी. महिला ने कहा कि वे जेन-जी (Generation Z) हैं और इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे. उसने यह भी कहा कि वे पैसे खर्च करके घूमने आए हैं, न कि इस तरह के अपमान को झेलने के लिए. महिला ने आरोप लगाया कि यह व्यवहार सिर्फ कश्मीरी लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि अब पर्यटकों के लिए भी हो रहा है.
महिला पर्यटक के इस गुस्से भरे वीडियो पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'हम जेन-जी हैं' कहना आजकल एक नया ट्रेंड बन गया है. यह 'जानते नहीं हो मेरे पिता कौन हैं' कहने जैसा ही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जेन-जी की अच्छी इमेज को खराब करने का यह सबसे आसान तरीका है कि जरा सी परेशानी होने पर इसे धमकी की तरह इस्तेमाल किया जाए.

यह वीडियो पिछले महीने का बताया जा रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि एक चेकपॉइंट पर कई गाड़ियां रुकी हुई हैं. किसी वजह से उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है. काफी देर इंतजार करने के बाद एक महिला पर्यटक का गुस्सा फूट पड़ा. उसने सुरक्षाकर्मियों से बहस करना शुरू कर दिया और वीडियो बनाना शुरू कर दिया. महिला ने कहा, "हम लोग यहीं धरने पर बैठेंगे. हम देखते हैं कि आपका मंत्री यहां से कैसे निकलेगा. हम लोग जेन-जी हैं. हम लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे." उसने वहां मौजूद दूसरे लोगों से भी पूछा कि क्या वे उसके साथ बैठेंगे. महिला ने कहा, "गाड़ी निकालो और चलो. देखते हैं कि कैसे रोकते हैं, पांच घंटे हो गए हैं." उसने आगे कहा कि हम लोग पैसे देकर यहां घूमने आते हैं, यह सब देखने नहीं. इन्होंने ताला लगा दिया है. महिला ने यह भी कहा कि ये लोग कश्मीरी लोगों के साथ तो ऐसा करते ही थे, अब पर्यटकों के साथ भी ऐसा कर रहे हैं.

हालांकि, यह वीडियो कारगिल जिले के द्रास में एक चेकपॉइंट का बताया जा रहा है, जहां गाड़ियों को आगे बढ़ने से रोकना एक सामान्य प्रक्रिया है. लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर प्रशासन को यह बताना चाहिए कि ट्रैफिक क्यों रोका गया था? क्या किसी मंत्री के आने-जाने के लिए आम लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा? या फिर कोई गंभीर सुरक्षा खतरा था? इन सवालों के जवाब का इंतजार है.

रेकमेंडेड खबरें