Photographs Tell The Complete Story Of Their Era Brajesh Pathak
अपने दौर की पूरी कहानी बयां करती हैं तस्वीरें: ब्रजेश पाठक
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT न्यूज, लखनऊ
तस्वीरें केवल किसी क्षण को दर्ज नहीं करतीं, बल्कि वे अपने दौर, समाज और जीवन की पूरी कहानी बयां करती हैं। ये बातें बुधवार को विश्व फोटोग्राफी डे के अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहीं। वे कला एवं शिल्प महाविद्यालय में कॉलेज ऑफ आट् र्स फोटोग्राफिक सोसायटी द्वारा आयोजित छठी अखिल भारतीय छायाचित्र प्रदर्शनी के उद् घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि तस्वीरें समाज का आइना होती हैं। फोटोग्राफी के 19वीं सदी में विकास के बाद की इन दो शताब्दियों की यात्रा में फोटोग्राफी केवल एक तकनीक नहीं रही, बल्कि समय, समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को दर्ज करने की एक महत्वपूर्ण भाषा बन गई है। तस्वीरें केवल किसी क्षण को दर्ज नहीं करतीं, बल्कि वे अपने दौर, समाज और जीवन की पूरी कहानी बयां करती हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि आज मोबाइल तकनीक के कारण तस्वीर खींचना आसान हो गया है, लेकिन एक बेहतरीन तस्वीर के लिए केवल तकनीक काफी नहीं है, बल्कि दृष्टि, संवेदना और रचनात्मकता सबसे ज्यादा जरूरी होती है। प्रदर्शनी के तहत बुधवार को 'फैशन फोटोग्राफी' पर एक विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
प्रदर्शनी की अन्य विशेषताएं : प्रख्यात छायाकार रघु राय को समर्पित इस प्रदर्शनी में देशभर के 80 प्रतिभागियों के 155 चयनित (43 श्वेत-श्याम व शेष रंगीन) छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल एवं प्रो. पी.सी. लिटल जैसे दिग्गज कलाकारों के चित्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दर्शकों के लिए फोटोग्राफी के इतिहास और विकास को दर्शाने वाली 100 वर्ष से अधिक पुरानी दुर्लभ पुस्तकों का विशेष प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।