Tulsidas A Silent Rebel Poet Who Fought Against Power
‘मूक विद्रोही कवि थे तुलसीदास’
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से तुलसीदास जयंती समारोह आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. पवन अग्रवाल ने कहा कि तुलसीदास तत्कालीन सत्ता से लड़ने वाले ‘मूक विद्रोही’ कवि थे। कबीर को एक मुखर विद्रोही माना जाता है लेकिन तुलनात्मक रूप से तुलसीदास मूक विद्रोही हैं। दोनों ने अपनी-अपनी दृष्टि से सामाजिक विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया। प्रो. हरिशंकर मिश्र ने कहा कि तुलसी उन लोगों के विरोधी हैं जो लोक के लिए कार्य नहीं करते। संस्कृत में उपलब्ध ज्ञान परंपरा को लोक से जोड़ने के लिए जनभाषा में लेखन किया।