Wifes Taunt On Inflation Inflation Running Like Vande Bharat Earnings Are In Vande
वांदे लग जाते!
नवभारतटाइम्स.कॉम•
'सरकार विपक्ष से लड़ रही थी। विपक्ष सरकार को ललकार रहा था। विपक्ष में पहले के भाजपाई मुस्कुरा रहे थे। सत्ता पक्ष की गोद में पहले के विपक्षी ठठाकर हंस रहे थे। यह अद्भुत दृश्य इतना मनोहारी था कि तेल-चीनी, टमाटर-प्याज सब पर भारी था।'
मुझे लगा भूकंप आ गया। किसी ने मुझे जोर से झकझोर दिया। आंख खुली तो अर्धांगिनी सामने थीं, 'क्या बड़बड़ाए जा रहे हैं, नशा-वशा करने लगे क्या?' 'कुछ नहीं, सपना था। संसद का मॉनसून सत्र अभी बीता है न। वहां से आने के बाद कुछ दिन खुमारी बनी रहती है।' मैंने तुरंत सफाई पेश कर दी। फिर खटका हुआ कि कहीं कुछ ज्यादा तो नहीं बोल दिया। सो डरते-डरते पूछ लिया कि क्या कह रहा था, पर जवाब में सवाल आ गया, 'मुझे महाराष्ट्र का ट्रांसपोर्ट विभाग समझा है क्या, जो आप मराठी नहीं बोलेंगे तो उनकी तरह मुझे भी कुछ समझ में नहीं आएगा?' 'वो तो ऑटो-टैक्सी वालों की रोजी-रोटी बढ़िया चले, इसलिए मराठी सीखने को कहा है', मैंने समझाया। 'तब तो बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिकों और अफसरों को भी केवल मराठी बोलनी चाहिए। जिसे देखो, कमजोर पर ही धौंस जमाने चला आता है। महंगाई वंदे भारत जैसी भाग रही है, कमाई के वांदे लग गए हैं, इनको अलग ही सूझ रही है।' 'वाह! वांदे लग गए। मजा आ गया। कुछ भी कहिए, मुंबइया बोली है बहुत मस्त।' मैंने माहौल बदलने की गरज से कहा, पर बेकार। 'वंदे और चंदे की बहस बहुत कर ली। अब फौरन निकलो और इससे पहले कि दाम और बढ़ जाएं, चीनी ले आओ।' मुझे हंसी आ गई। वाइफ को पता ही नहीं है कि लोग बीमार न पड़ें, इसलिए चीनी महंगी की जा रही है। पर कहा नहीं, वरना अपनी चाय के वांदे लग जाते।