बिंदी बनी वैश्विक ब्रैंड, राजस्थानी मोजरियों से बदली तकदीर

नवभारत टाइम्स

लखनऊ में 'महिंद्रा सनतकदा फेस्टिवल 2026' में कला और शिल्प का संगम देखने को मिला। यहां कोलकाता के 'बारो मार्केट' की तर्ज पर सजे बाजार में महिला सशक्तिकरण की दो कहानियां सामने आईं। इन महिलाओं ने अपनी रचनात्मकता से परंपरा को जीवित रखा और आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की। बिंदी और राजस्थानी मोजरियों ने वैश्विक पहचान बनाई और तकदीर बदली।

bindi and rajasthani mojari a global success story of women empowerment
लखनऊ के सफेद बारादरी में चल रहे ' महिंद्रा सनतकदा फेस्टिवल 2026 ' में कला और शिल्प का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। कोलकाता के 'बारो मार्केट' की तर्ज पर सजे मिनी बाजार में महिला सशक्तिकरण की दो प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं। इन महिलाओं ने अपनी कला और रचनात्मकता से न केवल परंपरा को जिंदा रखा है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता का रास्ता भी बनाया है।

यह उत्सव कैसरबाग स्थित सफेद बारादरी में आयोजित किया जा रहा है। यहां एक खास मिनी बाजार लगाया गया है। यह बाजार कोलकाता के मशहूर 'बारो मार्केट' की तरह ही सजाया गया है। इस बाजार में दो महिलाओं की कहानियां लोगों को खूब पसंद आ रही हैं।
ये दोनों महिलाएं अपनी कला और हुनर से आत्मनिर्भर बनी हैं। उन्होंने अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करके पारंपरिक कला को नया जीवन दिया है। साथ ही, इससे उन्होंने अपनी कमाई का जरिया भी बनाया है। यह उत्सव कला और शिल्प प्रेमियों के लिए एक खास मौका है।