गांवों के विकास से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मनरेगा लोकपाल के अधिकारों को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़ी शिकायतों की जांच भी उनके दायरे में कर दी गई है। यह नई व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष यानी एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
ग्राम विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि राज्य के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को भारत सरकार के निर्देशानुसार इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। मनरेगा के कार्यो की जांच के लिए पहले से ही मनरेगा लोकपाल जिलों में तैनात किए गए हैं। अब मनरेगा के तहत नियुक्त लोकपाल को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शिकायतों को सुनने और उनका निवारण करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।


