‘वंदे मातरम आज भी प्रेरित करता है’

नवभारत टाइम्स

उप्र संगीत नाटक अकादमी ने राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर 'वंदे मातरम्' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। मुख्य अतिथि ने कहा कि वंदे मातरम् आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। अकादमी नवांकुरों को प्रोत्साहित करने के साथ लुप्तप्राय कलाओं का संरक्षण भी कर रही है।

vande mataram completes 150 years sangeet natak akademi presents special program in lucknow featuring classical music and kathak dance
लखनऊ में राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने पर उप्र संगीत नाटक अकादमी ने 'वंदेमातरम्' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर शास्त्रीय संगीत और लुप्तप्राय कलाओं के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।

शनिवार को गोमतीनगर स्थित अकादमी प्रेक्षागृह में यह खास कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त पदुम नारायण द्विवेदी ने कहा कि 'वंदेमातरम्' आज भी देशवासियों को जोश से भर देता है। अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने बताया कि अकादमी नए कलाकारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ शास्त्रीय संगीत और पुरानी कलाओं को भी बचाए रखने का काम कर रही है।
कार्यक्रम का संचालन आरजे समरीन ने किया। अकादमी की संगीत प्रतियोगिता के विजेताओं ने वाद्य-वृंद की प्रस्तुति दी। इसमें अर्थव प्रताप सिंह ने बांसुरी बजाई, संकल्प मिश्रा ने सितार पर अपनी कला दिखाई। सोहम मिश्रा और आराध्य प्रवीन ने तबले की थाप से समां बांध दिया।

इसके बाद कथक केंद्र, लखनऊ के प्रशिक्षणार्थियों ने शानदार कथक नृत्य पेश किया। इस मौके पर राष्ट्रीय ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र सचिव डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी, उपाध्यक्ष विभा सिंह और निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत के महत्व को याद दिलाने और कलाओं के संवर्धन का एक बेहतरीन जरिया बना।