महंगे इलाज पर बजट का 'मरहम'

नवभारत टाइम्स

सरकार के बजट ने कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज पर बड़ी राहत दी है। 17 जरूरी कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है। सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भी आयात शुल्क में रियायत मिली है। इससे महंगे इलाज का बोझ कम होगा। लाखों परिवारों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

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लखनऊ के डॉक्टरों ने बजट को कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी राहत बताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 17 ज़रूरी कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही, सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के आयात शुल्क में भी बड़ी छूट दी गई है। इस फैसले से लाखों परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है।

केजीएमयू के रेडियोथेरपी विभाग के हेड डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर में इस्तेमाल होने वाली रिबोसिक्लिब और अबेमासिक्लिब जैसी दवाएं मरीजों को रोज़ लेनी पड़ती हैं। इन पर कस्टम ड्यूटी खत्म होने से मरीजों को काफी फायदा होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रिबोसिक्लिब की एक महीने की खुराक करीब 60 हजार रुपये आती है। कस्टम ड्यूटी हटने से यह कीमत कम हो जाएगी।
मेदांता हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि 17 ज़रूरी दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने से इलाज का खर्च सीधे तौर पर कम होगा। यह उन मरीजों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो आयातित दवाओं पर निर्भर हैं। अपोलो हॉस्पिटल के एमडी और सीईओ डॉ. मयंक सोमानी ने इस कदम को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार का एक अहम और स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे कैंसर मरीजों की आर्थिक परेशानियां कम होंगी।

केजीएमयू के एचआरएफ के अध्यक्ष डॉ. कुमार शांतनु ने बताया कि कैंसर मरीजों को पहले से ही दवाओं पर 40 से 60% तक की छूट मिल रही है। अब कस्टम ड्यूटी हटने से ये दवाएं और भी सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी। यह बजट का एक ऐसा फैसला है जो सीधे तौर पर आम आदमी को फायदा पहुंचाएगा। डॉक्टरों का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ इलाज सस्ता होगा, बल्कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग ज़रूरी दवाएं खरीद पाएंगे और बेहतर इलाज करा पाएंगे। यह उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो अब तक महंगी दवाओं के कारण इलाज नहीं करा पा रहे थे।