Budget Sparks Hope For Reopening Of Closed Industries In Ghaziabad
बंद उद्योगों के फिर से शुरू होने की आस
नवभारत टाइम्स•
आम बजट में टेक्सटाइल पार्क और औद्योगिक क्लस्टर की घोषणा से गाजियाबाद के उद्यमियों में नई उम्मीद जगी है। ट्रॉनिका सिटी, डासना और साहिबाबाद के करीब 1100 उद्योगों को इसका लाभ मिलने की आशा है। इससे बंद पड़ी फैक्ट्रियां फिर से शुरू हो सकती हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है।
गाजियाबाद के उद्यमियों को आम बजट में घोषित टेक्सटाइल पार्क और 200 लीगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर से बड़ी उम्मीदें जगी हैं। खासकर ट्रॉनिका सिटी, डासना और साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया के 1100 उद्योगों को इसका फायदा मिलने की आस है। ट्रांस हिंडन साहिबाबाद असोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि साहिबाबाद एशिया के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जहां हीरो और एटलस साइकल जैसी कई बड़ी फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। इस घोषणा के बाद सरकार से मांग की जाएगी कि साहिबाबाद को इस योजना का लाभ मिले, ताकि बंद पड़ी फैक्ट्रियां फिर से चालू हो सकें और हजारों लोगों को रोजगार मिल सके। ट्रॉनिका सिटी में चंद्र फैब्रिक्स के संचालक अंकुर जैन के अनुसार, यहां करीब 800 फैब्रिक्स उद्योग हैं और बजट में नेशनल फाइबर स्कीम के तहत यार्न स्पिनिंग मिल लगाने में मदद मिल सकती है।
आम बजट में टेक्सटाइल पार्क और 200 लीगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर की घोषणा ने गाजियाबाद के व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। इस घोषणा से ट्रॉनिका सिटी, डासना और साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित लगभग 1100 उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।ट्रांस हिंडन साहिबाबाद असोसिएशन के अध्यक्ष, अशोक चौधरी ने बताया कि साहिबाबाद एशिया के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। यहां कभी हीरो और एटलस साइकल जैसी कई बड़ी कंपनियां हुआ करती थीं, लेकिन अब वे बंद हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट घोषणा के बाद, वे प्रदेश और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर साहिबाबाद को इस योजना का लाभ दिलाने की मांग करेंगे। उनका मानना है कि इससे बंद पड़ी फैक्ट्रियां फिर से शुरू हो सकती हैं और हजारों लोगों को दोबारा रोजगार मिल सकता है।
ट्रॉनिका सिटी में चंद्र फैब्रिक्स का संचालन करने वाले अंकुर जैन ने भी इस बजट का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि ट्रॉनिका सिटी में लगभग 800 फैब्रिक्स उद्योग हैं। बजट में नेशनल फाइबर स्कीम के तहत यार्न स्पिनिंग मिल (धागा बनाने वाली मिल) लगाने में यह घोषणा बहुत मददगार साबित हो सकती है। इससे कपड़ा उद्योग को नई दिशा मिलेगी।