Msme Growth Fund 50 Thousand Industries To Get New Flight Ghaziabad To Benefit The Most
MSME फंड से 50 हज़ार उद्योगों को मिलेगी ग्रोथ
नवभारत टाइम्स•
केंद्र सरकार ने आम बजट में एमएसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा की है। इस फंड से गाजियाबाद के 45 हजार से अधिक उद्योगों को लाभ मिलेगा। यह योजना छोटे और मध्यम उद्योगों को आगे बढ़ने में मदद करेगी। बैंक से लोन लेने में अब आसानी होगी। उद्यमियों को इस योजना के लागू होने का इंतजार है।
गाजियाबाद के करीब 45 हजार से ज्यादा MSME उद्योगों को केंद्र सरकार के नए बजट में घोषित MSME ग्रोथ फंड से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह फंड छोटे और मध्यम उद्योगों को अपना कारोबार बढ़ाने और आधुनिक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने में मदद करेगा। हालांकि, इस फंड का लाभ उठाने के लिए कुछ नियम और शर्तें होंगी, जिनकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि लोन मिलना आसान होगा, लेकिन साहिबाबाद इंडस्ट्रियल असोसिएशन के अध्यक्ष का मानना है कि योजनाओं को लागू होने में समय लगता है।
केंद्र सरकार ने आम बजट में MSME ग्रोथ फंड की घोषणा की है। इस खास फंड का मकसद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना है। जो उद्योग अपने बिजनेस को बड़ा और आधुनिक बनाना चाहते हैं, उन्हें इस फंड से काफी मदद मिलेगी। गाजियाबाद में इस योजना का फायदा सबसे ज्यादा एमएसएमई के तहत आने वाले 45 हजार से अधिक उद्योगों को मिलेगा। इसके अलावा, 5 हजार छोटी और सूक्ष्म इकाइयों को भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा।जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी फंड का लाभ उठाने के लिए कुछ मापदंडों को पूरा करना पड़ता है। इस योजना के लिए भी ऐसे ही मापदंड तय किए जाएंगे। डिप्टी कमिश्नर उद्योग श्रीनाथ पासवान ने कहा कि एसएमई ग्रोथ फंड कैसे मिलेगा, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी माना कि बैंकों से लोन लेना उद्यमियों के लिए मुश्किल होता है और उन्हें इसके लिए संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन, इस नई योजना से लोन लेने में आसानी होगी।
वहीं, साहिबाबाद इंडस्ट्रियल असोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश मित्तल ने कहा कि सरकार की ओर से उद्योगों के लिए जो भी घोषणाएं की जाती हैं, उन्हें लागू होने में काफी समय लग जाता है। इसलिए, यह कहना मुश्किल है कि गाजियाबाद में यह योजना कब तक लागू हो पाएगी। यह फंड उन उद्योगों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा जो आगे बढ़ना चाहते हैं।