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पानीपत निगम की तोड़फोड़ की कार्रवाई पर कोर्ट की रोक
नवभारत टाइम्स•
पानीपत नगर निगम की तोड़फोड़ की कार्रवाई पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। 'न्यू इंडिया ट्रांसपोर्ट' और 'ओम शिव ट्रांसपोर्ट' की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निगम को 20 फरवरी तक इन संपत्तियों पर कार्रवाई करने से मना किया है। यह आदेश ट्रांसपोर्टरों के लिए बड़ी राहत है।
पानीपत नगर निगम को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने 'न्यू इंडिया ट्रांसपोर्ट' और 'ओम शिव ट्रांसपोर्ट' की याचिका पर सुनवाई करते हुए निगम की तोड़फोड़ की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले से ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब 20 फरवरी तक उनकी संपत्तियों पर निगम का 'पीला पंजा' नहीं चलेगा। नगर निगम ने इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों को अवैध निर्माण और व्यावसायिक उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी कर इमारतों को गिराने की चेतावनी दी थी।
पानीपत की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रूपा की कोर्ट ने मंगलवार को यह अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने 'न्यू इंडिया ट्रांसपोर्ट' और 'ओम शिव ट्रांसपोर्ट' की तरफ से दायर याचिका पर यह रोक लगाई है। इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों को नगर निगम ने 7 जनवरी और 20 जनवरी 2026 को नोटिस भेजे थे। निगम का आरोप था कि इन कंपनियों ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट की धारा 261 और 263-A का उल्लंघन करते हुए अवैध निर्माण किया है। साथ ही, रिहायशी या अन्य नियमों के विरुद्ध इन संपत्तियों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था।ट्रांसपोर्टरों के वकील एडवोकेट नीरज नरवाल ने कोर्ट में दलील दी कि नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट मालिकों पर बेबुनियादी आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर निगम को अभी नहीं रोका गया, तो वे याचिकाकर्ताओं की संपत्ति को गिरा देंगे, जिससे उन्हें भारी और कभी न ठीक होने वाला नुकसान होगा। इसलिए, उन्होंने कोर्ट से अंतरिम रोक लगाने की मांग की।
वहीं, नगर निगम के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि निर्माण पूरी तरह से अवैध है। लेकिन कोर्ट ने ट्रांसपोर्टरों की याचिका पर सुनवाई करते हुए निगम की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद, नगर निगम 20 फरवरी तक इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों की संपत्तियों पर कोई भी तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं कर पाएगा। यह फैसला उन ट्रांसपोर्टरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो निगम द्वारा तुरंत कार्रवाई किए जाने के डर से परेशान थे।