निजी अस्पताल पर उगाही का आरोप, केस दर्ज

नवभारत टाइम्स

लखनऊ के बाजारखाला में एक निजी नर्सिंग होम पर मनमाना शुल्क वसूलने और विरोध करने पर मरीज को बंधक बनाने का आरोप लगा है। अधिवक्ता नरेंद्र कुमार साहू ने अपनी बहू के इलाज के दौरान यह आरोप लगाया। तहरीर देने के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने साथियों के साथ थाने का घेराव किया।

निजी अस्पताल पर उगाही का आरोप, केस दर्ज
लखनऊ में एक अधिवक्ता ने निजी नर्सिंग होम संचालकों पर मनमाना शुल्क वसूलने और विरोध करने पर बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। अधिवक्ता नरेंद्र कुमार साहू का कहना है कि उन्होंने अपनी बहू को डिलीवरी के लिए वत्सला हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन से जन्मी बच्ची के कमजोर होने पर उसे राम नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां ऑक्सीजन और दवाओं के नाम पर भारी रकम वसूली गई। जब उन्होंने बच्ची को डिस्चार्ज करने की बात कही, तो अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उन्हें बंधक बना लिया। अधिवक्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई न होने पर अपने साथियों के साथ थाने का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

भवानीगंज निवासी नरेंद्र कुमार साहू, जो खुद एक अधिवक्ता हैं, ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि 22 नवंबर को उन्होंने अपनी बहू को वत्सला हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। 27 नवंबर को ऑपरेशन से हुई बच्ची थोड़ी कमजोर थी। इस पर राम नर्सिंग होम के डॉक्टर श्रेय रस्तोगी ने बच्ची को अपने हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया। वहां बच्ची को ऑक्सीजन लगाई गई और मेडिकल स्टोर से दवाएं मंगवाकर मनमाना पैसा वसूला गया।
साहू का आरोप है कि 28 नवंबर को जब उन्होंने बच्ची को डिस्चार्ज करने के लिए कहा, तो अस्पताल के डॉक्टर एके सिंह, श्रेय रस्तोगी, लेखाकार सचान और नर्सिंग होम के अन्य डॉक्टरों ने उन्हें बंधक बना लिया। किसी तरह वे वहां से निकलकर घर पहुंचे।

पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने 10 दिसंबर को बाजारखाला थाने में डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी थी। इसके अलावा उन्होंने आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) के माध्यम से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस पर शनिवार को पीड़ित नरेंद्र कुमार साहू और उनके अधिवक्ता साथियों ने बाजारखाला थाने का घेराव किया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह घटना निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही लूट और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की ओर इशारा करती है।