Threatened To Add Name In Terror Case 27 Lakh Defrauded Cyber Thugs Terror
आतंकी केस में नाम जोड़ने की धमकी दे ठगे 27 लाख
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद में एक सीनियर सिटीजन से साइबर ठगों ने 27 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर आतंकी केस में नाम जोड़ने की धमकी दी। बुजुर्ग को गिरफ्तार करने का डर दिखाया गया। डर के मारे पीड़ित ने अपनी जीवनभर की कमाई ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी।
फरीदाबाद में एक सीनियर सिटिजन को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में नाम आने और गिरफ्तारी के डर से साइबर ठगों ने 27 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया है। खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) का अधिकारी बताकर, ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को इतना डराया कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पर्वतीय कॉलोनी के रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग, जो एक निजी कंपनी से अधिकारी पद से रिटायर हुए हैं और मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि 7 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आतंकी गतिविधियों की जांच करने वाली एजेंसी एटीएस का अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग से कहा कि जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की जांच में उनका नाम सामने आया है और वे आतंकी संगठन से मिले हुए हैं। ठग ने कहा कि जांच में शामिल होने के लिए उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया जाएगा। इसके बाद, एक दूसरे मोबाइल नंबर से वॉट्सऐप और वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस की वर्दी में दिखाया और केस में फंसाने की धमकी दी।ठगों ने बुजुर्ग को डराने के लिए कहा कि अगर उन्होंने अपनी नाम पर रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस की जानकारी नहीं दी, तो उनकी प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस सील कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी की बात सुनकर सीनियर सिटिजन डर गए और उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी और बैंक में जमा पैसों की जानकारी दे दी। इसके बाद, ठग ने उन्हें अपने कथित सीनियर पुलिस अधिकारी से बात कराई। उस अधिकारी ने कहा कि अगर वे अपने जमा पैसों को उनके अकाउंट में भेज देंगे, तो उनका नाम इस केस से निकाल दिया जाएगा।
इतना डर जाने के कारण बुजुर्ग ने किसी से भी इस बारे में बात करने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने अपने परिजनों से बात किए बिना ही, 9 जनवरी को अपने बैंक अकाउंट से ठगों द्वारा भेजे गए एक्सिस बैंक अकाउंट में 27 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह उनकी जीवनभर की कमाई थी।
साइबर ठगों ने इस पूरी ठगी को अंजाम देने के लिए एक सुनियोजित तरीका अपनाया। उन्होंने पहले खुद को एक सरकारी अधिकारी के तौर पर पेश किया, जो एक गंभीर मामले की जांच कर रहा है। इसके बाद, उन्होंने पीड़ित को आतंकी हमले जैसे बड़े मामले में फंसाने की धमकी दी। वीडियो कॉल पर वर्दी और ऑफिस का बैकग्राउंड दिखाकर उन्होंने अपनी विश्वसनीयता बनाने की कोशिश की। गिरफ्तारी का डर दिखाकर उन्होंने पीड़ित को मानसिक रूप से इतना कमजोर कर दिया कि वह सही-गलत का फैसला नहीं कर पाया। अंत में, पैसे ट्रांसफर करने का लालच देकर उन्होंने पीड़ित की सारी जमा-पूंजी हड़प ली।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और साइबर थाना एनआईटी पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ठगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए तकनीकी सहायता का उपयोग कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों और आम लोगों की जागरूकता की कमी को उजागर किया है। ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे साझा न करने की सलाह दी जाती है। किसी भी तरह के संदेह होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।