Computerized Registration To Start Soon In Chc Patients To Get Relief Digital Record Preparation
CHC में जल्द शुरू होगा कंप्यूटराइज्ड पंजीकरण
नवभारत टाइम्स•
नोएडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द ही कंप्यूटराइज्ड पंजीकरण शुरू होगा। शासन ने दो महीने में इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। इससे मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। हर सीएचसी पर कंप्यूटर और डाटा एंट्री ऑपरेटर तैनात होंगे। बड़े केंद्रों पर अधिक पंजीकरण खिड़कियां खुलेंगी। भविष्य में ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी मिल सकती है।
नोएडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए अब पंजीकरण पूरी तरह से डिजिटल होने जा रहा है। शासन स्तर पर हुई एक ऑनलाइन बैठक में अधिकारियों को दो महीने के अंदर कंप्यूटराइज्ड पंजीकरण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई व्यवस्था से मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और उनका इलाज जल्दी शुरू हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने इस डिजिटल क्रांति के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। हर सीएचसी पर कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य जरूरी तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे। साथ ही, डाटा एंट्री ऑपरेटर भी तैनात किए जाएंगे जो मरीजों का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से दर्ज करेंगे। मरीजों की संख्या को देखते हुए, भंगेल, बिसरख और दादरी जैसे बड़े सीएचसी पर दो से तीन पंजीकरण खिड़कियां खोली जाएंगी। इन केंद्रों पर रोजाना 800 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं, इसलिए यह कदम मरीजों के लिए बहुत मददगार साबित होगा।इस नई व्यवस्था का एक और बड़ा फायदा यह है कि भविष्य में ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की जा सकती है। इससे मरीज घर बैठे ही अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके अलावा, मरीजों का डिजिटल डाटा इकट्ठा किया जाएगा और उनकी आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाई जाएगी। यह आभा आईडी बहुत काम की होगी। अगर कोई मरीज किसी दूसरे जिले या स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने जाता है, तो डॉक्टर तुरंत उसकी बीमारी और पिछले इलाज की सारी जानकारी देख पाएंगे। इससे इलाज में आसानी होगी और समय भी बचेगा।
जिले के भंगेल, बादलपुर, दादरी, बिसरख, कासना डाढ़ा और जेवर स्थित सीएचसी में रोजाना कुल मिलाकर 4000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। फिलहाल, पंजीकरण मैनुअल तरीके से होता है, जिसमें काफी समय लगता है। हालांकि, एक साल पहले भी कंप्यूटराइज्ड पंजीकरण की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो पाई थी। अब उम्मीद है कि यह नई व्यवस्था जल्द ही लागू हो जाएगी और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। यह डिजिटल बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं को और भी सुलभ और कुशल बनाएगा।