यमुना प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन की बनाई रूपरेखा

नवभारत टाइम्स

बल्लखेड़ा गांव में किसान एकता संघ की महापंचायत हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने यमुना प्राधिकरण पर किसानों की आबादियों को तोड़ने और युवाओं को रोजगार से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की दमनकारी नीतियों को सहन नहीं किया जाएगा। 16 फरवरी को हजारों किसान, मजदूर और भूमिहीन यमुना प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करेंगे।

farmers uprising against yamuna authority siege on february 16
बल्लुखेड़ा गांव में किसान एकता संघ की महापंचायत में यमुना प्राधिकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने 16 फरवरी को यमुना प्राधिकरण कार्यालय के घेराव की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों पर किसानों की पुरानी बस्तियों को तोड़ने और स्थानीय युवाओं को नौकरी से वंचित करने का गंभीर आरोप लगाया।

रविवार को बल्लुखेड़ा गांव में किसान एकता संघ ने एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया। इस पंचायत में यमुना प्राधिकरण की नीतियों के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि प्राधिकरण किसानों के साथ नाइंसाफी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण पुरानी आबादियों को तोड़ रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दे रहा है। सोरन प्रधान ने कहा कि प्राधिकरण की दमनकारी नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पंचायत में बड़ी संख्या में युवाओं ने किसान एकता संघ की सदस्यता ग्रहण की। सोरन प्रधान ने साफ ऐलान किया कि अपनी आबादियों और हक की रक्षा के लिए 16 फरवरी को हजारों किसान, मजदूर और भूमिहीन लोग यमुना प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करेंगे। इस महापंचायत की अध्यक्षता बचन सिंह ने की और संचालन जिला अध्यक्ष पप्पे नागर ने किया। इस मौके पर अखिलेश प्रधान, प्रमोद शर्मा और विक्रम नागर सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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