Twin Tower Case Preparation For Action Against Guilty Officials Deliberation Continues In Government
ट्विन टावर मामले की जांच पर शासन में मंथन शुरू
नवभारत टाइम्स•
सुपरटेक के ट्विन टावर गिराए हुए तीन साल से अधिक हो गए हैं। अब शासन स्तर पर मामले की जांच पर मंथन चल रहा है। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। इसके बाद ही उन पर कार्रवाई का फैसला होगा। विजिलेंस की जांच भी जारी है।
नोएडा के ट्विन टावर मामले में अब शासन स्तर पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है। करीब साढ़े तीन साल पहले गिराए गए इन टावरों के निर्माण में दोषी पाए गए लोगों को शासन अपना पक्ष रखने का एक मौका देगा। इसके बाद ही उन पर कोई एक्शन लिया जाएगा। विजिलेंस की टीम भी इस मामले में जांच कर रही है और नोएडा अथॉरिटी की फाइलें खंगाल चुकी है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने करीब डेढ़ महीने पहले अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिस पर अब मंथन चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को ट्विन टावर गिराने का आदेश दिया था, जिसे 28 अगस्त 2022 को गिराया गया था। लेकिन अब तक निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई है।
इस मामले में शासन स्तर पर गंभीरता से विचार-विमर्श शुरू हो गया है। जो भी लोग जांच में दोषी पाए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने का एक मौका दिया जाएगा। यह मौका शासन की ओर से मिलेगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि उन पर क्या कार्रवाई की जाए। यह प्रक्रिया काफी अहम है क्योंकि इससे दोषियों को अपना बचाव करने का अवसर मिलेगा।विजिलेंस की टीम भी इस मामले की जांच में जुटी हुई है। हाल ही में विजिलेंस की टीम नोएडा अथॉरिटी पहुंची थी और उसने ट्विन टावर से जुड़ी फाइलों की गहन जांच की। यह जांच इस बात पर केंद्रित है कि टावर निर्माण के दौरान क्या गड़बड़ियां हुईं और किन लोगों की इसमें भूमिका थी। हालांकि, विजिलेंस की जांच कब तक पूरी होगी, इसकी कोई निश्चित जानकारी अभी नहीं है।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव को 23 मई 2023 को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। उन्होंने अपनी जांच पूरी कर ली है और करीब डेढ़ महीने पहले एक गुप्त रिपोर्ट शासन को भेज दी है। श्रीवास्तव के मुताबिक, अब आगे की सारी प्रक्रिया शासन स्तर पर ही होगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और शासन अब उस पर निर्णय लेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को ही ट्विन टावर को गिराने का आदेश दे दिया था। टावर को गिराने की तैयारी में करीब एक साल का समय लगा और आखिरकार 28 अगस्त 2022 को इसे जमींदोज कर दिया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने समय बाद भी टावर के निर्माण के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। यही वजह है कि अब शासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।
सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब शासन स्तर पर इस रिपोर्ट पर मंथन चल रहा है। जो लोग इस रिपोर्ट में दोषी पाए गए हैं, उन्हें जल्द ही शासन की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जा सकता है। वे एसीएस स्तर पर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद ही शासन कोई अंतिम निर्णय लेगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि किसी भी दोषी को बिना सुने सजा न मिले।