नंबर डायल करते ही फोन हैक, निकल गए सवा लाख

नवभारत टाइम्स

नोएडा में एक व्यक्ति के साथ ठगी हुई है। केवाईसी अपडेट के नाम पर उसके खाते से सवा लाख रुपये निकाल लिए गए। एक खास नंबर डायल करते ही फोन हैक हो गया। ठगों ने बिना ओटीपी के पैसे उड़ा दिए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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नोएडा के सेक्टर 49 में रहने वाले एक निजी कंपनी कर्मचारी आशुतोष दुबे ठगी का शिकार हो गए। केवाईसी अपडेट करने के बहाने ठगों ने उनके बैंक खाते से बिना ओटीपी पूछे 1.37 लाख रुपये उड़ा दिए। पीड़ित को एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और एक खास नंबर डायल करने को कहा। नंबर डायल करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और स्क्रीन काम करना बंद कर दिया। इसी दौरान ठगों ने पैसे निकाल लिए। मोबाइल चालू होने पर आशुतोष को मैसेज से ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और सेक्टर 49 थाने में एफआईआर भी कराई गई है। पुलिस का मानना है कि यह कॉल फॉरवर्डिंग या डिवाइस मिररिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल करके की गई ठगी है।

आशुतोष दुबे, जो नोएडा के सेक्टर 49 स्थित हिंडन विहार में रहते हैं, एक निजी कंपनी में काम करते हैं। हाल ही में वे एक ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए। ठगों ने उन्हें केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अपडेट करने का झांसा दिया। इसके लिए उन्होंने आशुतोष से एक विशेष नंबर डायल करने को कहा। जैसे ही आशुतोष ने वह नंबर डायल किया, उनका मोबाइल फोन कुछ देर के लिए हैक हो गया। इस दौरान, ठगों ने उनके बैंक खाते से 1.37 लाख रुपये निकाल लिए। खास बात यह है कि इस पूरी ठगी में ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की भी जरूरत नहीं पड़ी।
जब आशुतोष का मोबाइल ठीक हुआ, तो उन्हें मैसेज के जरिए पता चला कि उनके खाते से पैसे निकाले गए हैं। यह देखकर वे तुरंत हरकत में आए। उन्होंने फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, उन्होंने सेक्टर 49 थाने में भी एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज करवाई है।

पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि यह ठगी कॉल फॉरवर्डिंग या डिवाइस मिररिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके की गई है। कॉल फॉरवर्डिंग में आपकी कॉल किसी दूसरे नंबर पर जाने लगती है, जबकि डिवाइस मिररिंग में कोई व्यक्ति आपके फोन की स्क्रीन को दूर से ही देख सकता है और उसे कंट्रोल भी कर सकता है। इन तकनीकों का इस्तेमाल करके ठगों ने आशुतोष की जानकारी के बिना उनके खाते से पैसे निकाल लिए। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल पर भरोसा न करें और अपनी बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

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