युवक का पर्स, फोन चुराकरखाते से निकाले 60 हज़ार

नवभारत टाइम्स

गाजियाबाद के विजयनगर में एक युवक से दो ठगों ने मदद के बहाने दोस्ती की। उन्होंने युवक का मोबाइल और पर्स चुरा लिया। इसके बाद युवक और उसकी मां के खातों से 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना मानवीयता का फायदा उठाने वालों पर एक चेतावनी है।

ghaziabad 60 thousand rupees stolen from account after stealing purse phone from youth on pretext of help
गाजियाबाद के विजयनगर इलाके में मदद के बहाने दो युवकों ने एक व्यक्ति को ठग लिया। उन्होंने पहले युवक का मोबाइल और पर्स चुराया, जिसमें डेबिट कार्ड और जरूरी कागजात थे। इसके बाद, उन्होंने युवक और उसकी मां के खातों से कुल 60 हजार रुपये निकाल लिए। यह घटना 7 फरवरी की सुबह गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास हुई।

मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले और हाल ही में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की वैली टेक-फोर सोसायटी में शिफ्ट हुए निशांत पांडेय ने बताया कि वह 7 फरवरी की सुबह गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर थे। तभी 18-19 साल के दो युवक उनके पास आए। उन्होंने खुद को बेसहारा बताते हुए कहा कि परिवार ने उन्हें काम के सिलसिले में यहां छोड़ दिया है और उनके पास पैसे नहीं हैं।
निशांत ने मानवीय आधार पर उनकी मदद करने का फैसला किया और उन्हें एटीएम से पैसे निकालकर देने के लिए साथ ले गए। हालांकि, एटीएम में ट्रांजैक्शन नहीं हो पाया। इसके बाद, जब निशांत ऑटो बुक करके अपने फ्लैट के लिए निकले, तो वे दोनों युवक भी उनके पीछे-पीछे आ गए और फिर से मदद मांगने लगे।

दयालुता दिखाते हुए निशांत ने उन्हें ऑटो में साथ बिठा लिया। ऑटो विजयनगर थाने से करीब 200 मीटर दूर सेक्टर-नौ स्थित एक एटीएम पर रुका। वहां निशांत ने 500 रुपये निकालकर उन युवकों को दिए। इसी दौरान, मौका देखकर दोनों युवकों ने निशांत का मोबाइल और पर्स छीन लिया और वहां से भाग गए।

पर्स में निशांत का डेबिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। जब निशांत घर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके और उनकी मां के बैंक खातों से दो बार में कुल 60 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इस घटना ने उन्हें पूरी तरह से हिला कर रख दिया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।