संपत्ति के विवाद में डेढ़ करोड़ का फ्रॉड, दस्तावेज़ हड़पने का आरोप

नवभारत टाइम्स

मोरटा गांव में हाउसिंग परियोजना को लेकर डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केडब्ल्यू बिल्डकॉन कंपनी ने बिल्डर फर्म और उसके साझेदारों समेत आठ लोगों पर केस दर्ज कराया है। आरोपियों पर जमीन के दस्तावेज हड़पने और अवैध रूप से बेचने की साजिश रचने का आरोप है।

संपत्ति के विवाद में डेढ़ करोड़ का फ्रॉड, दस्तावेज़ हड़पने का आरोप
गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम क्षेत्र में एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केडब्ल्यू बिल्डकॉन कंपनी ने मैसर्स एसएस बिल्डर्स यूनिट फर्म और उसके साझेदारों सहित 8 लोगों के खिलाफ डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, दस्तावेज हड़पने और जमीन को अवैध रूप से बेचने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज कराया है। यह पूरा मामला मोरटा गांव में प्रस्तावित एक हाउसिंग परियोजना से जुड़ा है।

केडब्ल्यू बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि अंकित तोमर ने अपनी शिकायत में बताया कि 2 मार्च 2013 को मोरटा गांव की कीमती जमीन पर एक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने के लिए उनकी कंपनी और मैसर्स एसएस बिल्डर्स यूनिट के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत, एसएस बिल्डर्स यूनिट ने कई वादे किए थे। उन्होंने कहा था कि जमीन को आवासीय क्षेत्र में बदलवाएंगे। साथ ही, चकरोड और नाली के लिए जरूरी जमीन खरीदेंगे। सभी खसरों का म्यूटेशन (जमीन के मालिकाना हक में बदलाव) और भूमि पूलिंग भी करवाएंगे। इतना ही नहीं, साझेदारी के कागजों में बदलाव करके केडब्ल्यू बिल्डकॉन को साझेदार बनाया जाएगा और फर्म को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बदला जाएगा।
इन सब बातों पर भरोसा करके केडब्ल्यू बिल्डकॉन ने इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाने का फैसला किया। आरोपियों के झूठे और बेईमान वादों पर विश्वास करते हुए, केडब्ल्यू बिल्डकॉन ने चरणबद्ध तरीके से करीब डेढ़ करोड़ रुपये उन्हें दे दिए। यह पैसा खास तौर पर जमीन के विकास और कानूनी कामों के लिए दिया गया था।

लेकिन, आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने कोई भी काम नहीं किया। उन्होंने न तो जमीन का इस्तेमाल बदलने का काम किया, न साझेदारी में बदलाव किया, न केडब्ल्यू बिल्डकॉन को साझेदार बनाया और न ही प्रोजेक्ट पर कोई खास काम शुरू किया। साल 2015-16 के आसपास, जमीन का रूपांतरण (बदलाव) और म्यूटेशन करवाने के नाम पर आरोपियों ने केडब्ल्यू बिल्डकॉन कंपनी से जमीन के असली बैनामा (मूल दस्तावेज) अपने पास रखवा लिए। ये महत्वपूर्ण दस्तावेज भी आज तक वापस नहीं किए गए हैं।

इस मामले में मैसर्स एसएस बिल्डर्स के इंदर कुमार मक्कड़, वरुण मक्कड़, जगदीश मक्कड़, धीरज मक्कड़, अनंत कौशिक, नेहा शर्मा उर्फ नेहा कौशिक, पुष्पा कौशिक और अनुराग कौशिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह पूरा मामला जमीन के सौदों और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में होने वाली धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है, जहां वादे तो बड़े किए जाते हैं लेकिन हकीकत में काम कुछ नहीं होता।