One Nation One Election A Significant Step Towards Strengthening Democracy
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर विमर्श
नवभारत टाइम्स•
केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से लोकतंत्र मजबूत होगा। चुनावी खर्च कम होगा और समय की बचत होगी। इससे सुशासन को बल मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार चुनावी सुधारों को आगे बढ़ा रही है।
नई दिल्ली: केंद्रीय विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने 'ज्यूरिस्ट फॉर जस्टिस फाउंडेशन' द्वारा आयोजित "एक राष्ट्र, एक चुनाव" कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने इस व्यवस्था को लोकतंत्र को मजबूत, स्थिर और पारदर्शी बनाने का जरिया बताया। मेघवाल ने कहा कि इससे चुनावी खर्च कम होगा, समय और प्रशासनिक संसाधनों की बचत होगी, जिससे सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार चुनावी सुधारों के जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास कर रही है।
रविवार को नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य आयोजनकर्ता जस्टिस यू. के. सिरोही सहित न्यायिक और विधिक जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। इस दौरान "एक राष्ट्र, एक चुनाव" के कानूनी, प्रशासनिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।अर्जुन राम मेघवाल ने इस विमर्श के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया को और बेहतर बनाकर लोकतंत्र को मजबूत करना ही इसका लक्ष्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि "एक राष्ट्र–एक चुनाव" व्यवस्था से देश के चुनावी खर्च में भारी कमी आएगी। साथ ही, इससे कीमती समय और प्रशासनिक संसाधनों की भी बचत होगी। यह बचत सीधे तौर पर सुशासन को मजबूत करने में मदद करेगी।
मेघवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार लगातार चुनावी सुधारों को आगे बढ़ा रही है। "एक राष्ट्र, एक चुनाव" जैसे कदम देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को एक नई दिशा और नई गति प्रदान करने के लिए उठाए जा रहे हैं। इस सम्मेलन में चुनाव सुधारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।