Bike Riders Death Court Seeks Investigation Report From Delhi Police Contractors Get Interim Relief
कोर्ट ने जांच से जुड़ी रिपोर्ट मांगी
नवभारत टाइम्स•
द्वारका कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत के मामले में एफआईआर की जांच की पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जनकपुरी में खोदे गए गड्ढे में गिरने से कमल की मौत हुई थी। कोर्ट ने जांच अधिकारी से सीसीटीवी फुटेज की जानकारी भी मांगी है।
दिल्ली पुलिस को द्वारका कोर्ट के एक मैजिस्ट्रेट ने 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में एफआईआर की जांच की पूरी रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। कमल ध्यानी की मौत जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से हुई थी। ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) हरजोत सिंह औजला ने 10 फरवरी को सुनवाई करते हुए जांच अधिकारी को 13 फरवरी तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। इस रिपोर्ट में की गई जांच की जानकारी के साथ-साथ घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की दिशा और उनके काम करने की जानकारी भी देनी होगी। यह रिपोर्ट अगली सुनवाई, 13 फरवरी को दोपहर 2 बजे तक जमा की जाएगी।
इस बीच, सेशन अदालत ने मामले में गिरफ्तार किए गए दो ठेकेदारों को अंतरिम राहत दी है। एडिशनल सेशन जज हरलीन सिंह आरोपी ठेकेदार हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थीं। मंगलवार को दिए गए आदेश में अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।यह मामला तब सामने आया जब कमल ध्यानी नाम के एक युवक की मौत दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरने से हो गई। यह घटना जनकपुरी में हुई थी। इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच में हुई प्रगति और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जानकारी के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि इस दुखद घटना के पीछे की सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों को न्याय मिले।
मैजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट किया कि स्टेटस रिपोर्ट में जांच की हर बारीकी शामिल होनी चाहिए। इसमें यह भी बताना होगा कि सीसीटीवी कैमरे कहां लगे थे और वे ठीक से काम कर रहे थे या नहीं। यह जानकारी मामले की जांच के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अदालत ने ठेकेदारों को राहत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि उन्हें फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, लेकिन जांच जारी रहेगी। इस मामले में आगे की सुनवाई 13 फरवरी को होगी, जहां पुलिस अपनी रिपोर्ट पेश करेगी और अदालत आगे का फैसला लेगी।