Ghaziabad High profile Sex Racket Busted 3 Arrested
होटल में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा, तीन अरेस्ट
नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चोरी की कई स्कूटी और एक स्क्रैप सेंटर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चोरी की स्कूटी को 10 से 15 हजार रुपये में बेचता था। पुलिस ने चोरी के वाहनों को काटने वाले गिरोह के सदस्यों को भी पकड़ा है।
गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सिहानी गेट और मधुबन बापूधाम थाना पुलिस ने इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक चोर को पकड़ने के बाद मधुबन बापूधाम इलाके के दुहाई में स्थित एक लाइसेंसी स्क्रैप सेंटर पर छापा मारा। इस स्क्रैप सेंटर में चोरी की गई गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे बेचे जाते थे। पुलिस ने मौके से चोरी की तीन स्कूटी और एक नंबर प्लेट बरामद की है। इसके बाद, पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर चार और स्कूटी भी बरामद की गईं।
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य और एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि इस गिरोह में कुल सात लोग शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दिल्ली के आनंद पर्वत निवासी नवाब मलिक, जो मूल रूप से मेरठ के जानी का रहने वाला है, गाजियाबाद के नगर कोतवाली क्षेत्र की अमन कॉलोनी निवासी रियाजुद्दीन, शाहपुर बम्हेटा निवासी नरेश कुमार, सुनील, नदीम, कृष्णा, कविनगर के रजापुर निवासी समीर और मसूरी के नाहल निवासी फजलू उर्फ फजल शामिल हैं। नवाब मलिक ही इस स्क्रैप सेंटर का मालिक है। रियाजुद्दीन स्क्रैप सेंटर पर उसका सहयोगी के तौर पर काम करता है। वहीं, नरेश और सुनील वाहन चोरी का काम करते थे। बाकी अन्य लोग चोरी की गई गाड़ियों को छिपाने और अलग-अलग जगहों पर बेचने का काम करते थे। ये लोग अवैध तरीके से गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे बेचते थे। पुलिस जांच में इस गिरोह के कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।पूछताछ में इन शातिर चोरों ने बताया कि वे चोरी की गई गाड़ियों को मिस्त्री या स्क्रैप सेंटर पर बेच देते थे, जहाँ उन्हें अच्छे दाम मिल जाते थे। वे एक स्कूटी को 10 से 15 हजार रुपये में बेच देते थे। इसके बाद, ये लोग स्कूटी के पुर्जों को अलग-अलग करके बेचते थे। इस तरह, यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था और लोगों की मेहनत की कमाई से खरीदी गई गाड़ियों को चुराकर उन्हें बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था। पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों को रोका जा सके।