रोहिणी में 1 मौत के बाद जागे अफसर, ढके गए खुले सीवर

नवभारत टाइम्स

रोहिणी में एक व्यक्ति की खुले सीवर में गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने आनन-फानन में खुले मैनहोल पर ढक्कन लगाए। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय सीवर खुले थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना लापरवाही को उजागर करती है।

rohini open sewer death questions raised on official negligence lids fitted in haste
दिल्ली के रोहिणी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बिरजू नाम के एक व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। यह हादसा बुधवार सुबह हुआ, और दिल्ली पुलिस अब इस मामले में लापरवाही और परिस्थितियों की जांच कर रही है। जिस जगह यह दुखद घटना हुई, वह एक कंस्ट्रक्शन साइट से महज़ 300 मीटर दूर है, जहाँ बिरजू शटरिंग का काम करते थे और उसी साइट पर बने एक टिनशेड रूम में रहते थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस इलाके के किसी भी सीवर पर ढक्कन नहीं था। घटना के तुरंत बाद, आनन-फानन में सीवर के ढक्कन लगाए गए। चश्मदीदों के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे संबंधित सरकारी एजेंसी के अधिकारी और कर्मचारी सीवर के ढक्कन लेकर आए और उन्हें तुरंत लगा दिया। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि यह इलाका बच्चों के खेलने का भी है और पास की कॉलोनी से जुड़ा हुआ रास्ता भी है।
बिरजू के साथ काम करने वाले एक युवक ने बताया कि सोमवार को बिरजू और सूरज कुछ सामान लेने बाहर गए थे। जब वे लौटे तो सूरज काफी नशे में था। उसने बताया कि बिरजू का किसी से झगड़ा हुआ है और उसे गाड़ी में उठाकर ले गए हैं। अगले दिन जब सूरज का नशा उतरा, तब उसने सच बताया कि बिरजू खुले सीवर में गिर गया था।

इस घटना के बाद, बुधवार सुबह से ही पुलिस और सिविक एजेंसी के लोग घटनास्थल पर पहुंचकर आसपास के इलाके का मुआयना कर रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर खुले मैनहोल क्यों थे और इसमें किसकी लापरवाही थी। कंस्ट्रक्शन साइट से थोड़ी दूरी पर ही यह हादसा हुआ, जहाँ बिरजू रहते और काम करते थे। यह घटना लापरवाही की ओर इशारा करती है, खासकर तब जब बच्चों के खेलने की जगह और लोगों के आने-जाने वाले रास्ते के पास ऐसे खुले मैनहोल मौजूद थे। सरकारी एजेंसी के अधिकारियों का देर शाम आकर ढक्कन लगाना भी कई सवाल खड़े करता है।