पेंशन बहाली के लिए प्रदर्शन

नवभारत टाइम्स

लखनऊ में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली सहित कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन देश भर में हुआ। लखनऊ में बीएन सिंह की प्रतिमा पर बड़ी संख्या में कर्मचारी जुटे। नौ सूत्रीय मांग का ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा गया। इस दौरान कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

employees strong protest in lucknow demanding restoration of old pension
लखनऊ: पुरानी पेंशन बहाली , आठवें वेतन आयोग का लाभ, संविदा आउटसोर्सिंग की नियमितीकरण, बिजली के निजीकरण पर रोक और स्कूलों के विलय का विरोध करते हुए सरकारी कर्मचारियों ने गुरुवार को देशव्यापी प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर हुए इस आंदोलन में लखनऊ में बीएन सिंह की प्रतिमा पर बड़ी संख्या में कर्मचारी जुटे और नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपा।

इस विरोध प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल, सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष अमरनाथ यादव, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के संरक्षक एसपी सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, परमेश्वर सिंह, जेपी पांडेय जैसे कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करना शामिल है, जो कई वर्षों से बंद है। इसके अलावा, वे आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ भी चाहते हैं, जिससे उनके वेतन और भत्तों में वृद्धि हो सके।
संविदा और आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से संविदा पर काम करने वालों को स्थायी नौकरी मिलनी चाहिए। बिजली विभाग के निजीकरण का पुरजोर विरोध किया गया, क्योंकि इससे सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ने की आशंका है। साथ ही, सरकारी स्कूलों के विलय के फैसले का भी कर्मचारियों ने विरोध किया, उनका मानना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यह प्रदर्शन देश भर में हुआ, जिसमें लखनऊ एक प्रमुख केंद्र रहा।