Sikh Community Expresses Strong Objection To Being Prevented From Wearing Religious Symbols In Exams
परीक्षा में कड़ा, कृपाण और पगड़ी पहनने से रोकने पर जतायी आपत्ति
नवभारत टाइम्स•
ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल ने सिख विद्यार्थियों को परीक्षा में कड़ा, कृपाण और पगड़ी पहनने से रोकने पर गहरी आपत्ति जताई है। मुरादाबाद की घटना को निंदनीय बताया गया। काउंसिल ने धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताते हुए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है। सिख विद्यार्थियों की धार्मिक पहचान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल ने सिख विद्यार्थियों को परीक्षाओं के दौरान कड़ा, कृपाण और पगड़ी पहनने से रोके जाने की घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर काउंसिल के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख को एक ज्ञापन सौंपा है। मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र में एक सिख छात्र को कृपाण उतारने के लिए मजबूर करने की घटना को काउंसिल ने बेहद निंदनीय और असंवैधानिक बताया है। काउंसिल का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
काउंसिल ने साफ किया कि सिख धर्म में कड़ा, कृपाण और पगड़ी सिर्फ कपड़े नहीं हैं, बल्कि ये आस्था, पहचान और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। इसलिए, काउंसिल ने सरकार से स्पष्ट और लिखित निर्देश जारी करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने कहा कि सिख विद्यार्थियों की धार्मिक पहचान के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला सिर्फ एक छात्र का नहीं है, बल्कि यह पूरे सिख समाज की संवैधानिक धार्मिक स्वतंत्रता का सवाल है।
प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर किसी भी संस्था ने सिख विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किया तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सिख समाज आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। काउंसिल का मानना है कि परीक्षा नियमों में धार्मिक प्रतीकों को शामिल करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी विद्यार्थियों को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए परीक्षा देने का अधिकार मिले। यह घटना सिख समुदाय के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गई है, और वे इस पर सरकार से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।