अहम बदलाव क्या हैं?

नवभारत टाइम्स

महंगाई दर की गणना का तरीका बदल गया है। कंस्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज में अब पुराने सामानों की जगह नई चीजें शामिल की गई हैं। वीसीआर, कैसेट जैसे सामानों को हटा दिया गया है। वहीं, ऑनलाइन सेवाओं, डेयरी उत्पादों और पेन ड्राइव जैसी चीजों को जोड़ा गया है। खाने-पीने की चीजों का हिस्सा भी कम हुआ है।

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नई दिल्ली: महंगाई मापने के तरीके में बड़ा बदलाव किया गया है। अब आम आदमी के खर्च के हिसाब से कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) की नई सीरीज तैयार की गई है। इसमें पुरानी हो चुकी चीजों को हटा दिया गया है और नई चीजों को जोड़ा गया है। इससे महंगाई का सही अंदाजा लगेगा।

पहले CPI में VCR/VCD/DVD प्लेयर, CD/DVD ऑडियो वीडियो कैसेट्स, रेडियो, टेप रिकॉर्डर और रस्सी जैसी चीजें शामिल थीं, लेकिन अब इनका इस्तेमाल बहुत कम हो गया है। इसलिए इन्हें महंगाई की गणना से बाहर कर दिया गया है। वहीं, रूरल हाउस रेंट (गांवों में किराया), ऑनलाइन मीडिया सर्विस प्रोवाइडर/स्ट्रीमिंग सर्विसेज (जैसे नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम), वैल्यू ऐडेड डेयरी प्रोडक्ट्स (जैसे पनीर, दही), जौ और इससे बने उत्पाद, पेन ड्राइव और एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, CNG/PNG गैस, अटेंडेंट (देखभाल करने वाले), बेबीसिटर (बच्चों की देखभाल करने वाले) और एक्सरसाइज के उपकरण जैसी नई चीजें जोड़ी गई हैं।
इसके अलावा, टेलीफोन चार्जेज, रेल किराया, विमान किराया, पोस्टल चार्ज के साथ-साथ ऑनलाइन मीडिया और OTT सब्सक्रिप्शंस के आंकड़े भी अब CPI में शामिल किए जाएंगे। एक और बड़ा बदलाव यह है कि फूड एंड बेवरेजेज (खाने-पीने की चीजें) का हिस्सा अब 45.86% के बजाय सिर्फ 36.75% रह गया है। इसका मतलब है कि लोग अब खाने-पीने पर पहले के मुकाबले कम खर्च कर रहे हैं और दूसरी चीजों पर ज्यादा। यह बदलाव लोगों की बदलती जीवनशैली और खर्च करने के तरीकों को दर्शाता है।