महंगाई दर में खाने-पीने की चीजों की हिस्सेदारी कम हुई

नवभारत टाइम्स

महंगाई दर की गणना का तरीका बदल गया है। नए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में खुदरा महंगाई दर 2.75% रही। खाने-पीने की चीजों का हिस्सा घटा दिया गया है। इससे महंगाई दर में इन चीजों का असर कम पड़ेगा। नई सीरीज के तहत खाने-पीने की चीजों में महंगाई दर 2.13% रही।

महंगाई दर में खाने-पीने की चीजों की हिस्सेदारी कम हुई
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : महंगाई दर की गणना का तरीका बदल गया है और इस नए तरीके के तहत गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में खुदरा महंगाई दर 2.75% रही। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि बेस ईयर को 2012 से 2024 तो किया ही गया है और परिवारों के मासिक उपभोग खर्च के बारे में 2023-24 में किए गए सर्वे के नतीजों के आधार पर गणना में वस्तुओं और सेवाओं का हिस्सा बदला गया है। खाने-पीने की चीजों का हिस्सा घटा दिया गया है, जिससे महंगाई दर में उतार-चढ़ाव में इन चीजों का असर पहले से कम पड़ेगा। नई सीरीज के मुताबिक, जनवरी में खाने-पीने की चीजों में महंगाई दर 2.13% और हाउसिंग इंफ्लेशन 2.05% रही।

पिछली सीरीज के आधार पर सालभर पहले जनवरी में रिटेल इंफ्लेशन 4.26% और दिसंबर 2025 में 1.33% थी। मंत्रालय ने कहा कि 2012 बेस ईयर वाली सीरीज एक दशक से ज्यादा समय से उपयोग की जा रही थी। हालांकि इस दौरान खपत के तरीके, आमदनी, शहरीकरण, सेवा क्षेत्र के विस्तार और डिजिटलाइजेशन जैसे कई अहम बदलाव हुए। इसे देखते हुए बेस ईयर 2024 वाली नई सीरीज तैयार करना जरूरी हो गया था।