ELMS विकसित करने के लिए तय होगी कंपनी

नवभारत टाइम्स

ग्रेटर नोएडा में डीएमआईसी आईआईटीजीएनएल एक नई इलेक्ट्रॉनिक भूमि प्रबंधन प्रणाली और वेबसाइट के रखरखाव के लिए सलाहकार कंपनी नियुक्त करेगी। इसके लिए आरएफपी जारी की गई है। यह प्रणाली 750 एकड़ की टाउनशिप में औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन, भवन योजना अनुमोदन और भुगतान प्रबंधन को ऑनलाइन करेगी।

company selection soon for e lms development digital infrastructure to be strengthened in dmic greater noida
डीएमआईसी इंटिग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (डीएमआईसी आईआईटीजीएनएल) 3 मार्च तक इलेक्ट्रॉनिक भूमि प्रबंधन प्रणाली (ई-एलएमएस) और अपनी वेबसाइट के रखरखाव के लिए एक सलाहकार कंपनी का चयन करेगी। कंपनी चुनने के लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी की गई है, जिसमें तकनीकी बिड 6 मार्च को खोली जाएगी। इस कदम का मकसद दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) प्रोजेक्ट के तहत बन रही इस औद्योगिक टाउनशिप के डिजिटल ढांचे को और मजबूत करना है। ई-एलएमएस 750 एकड़ में फैली इस टाउनशिप में कंपनियों को ऑनलाइन जमीन आवंटित करने, बिल्डिंग प्लान को मंजूरी देने और संबंधित भुगतान का प्रबंधन करने में मदद करती है।

डीएमआईसी आईआईटीजीएनएल ने इस महत्वपूर्ण काम के लिए एक सलाहकार कंपनी नियुक्त करने का फैसला किया है। इसके लिए उन्होंने एक आरएफपी निकाली है और इच्छुक कंपनियां 3 मार्च तक अपने प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। तकनीकी बिड खोलने की तारीख 6 मार्च तय की गई है।
यह ई-एलएमएस सिस्टम 750 एकड़ में फैली इस टाउनशिप के लिए बहुत खास है। यह औद्योगिक इकाइयों को ऑनलाइन जमीन आवंटित करने, उनके भवन योजनाओं को मंजूरी देने और इससे जुड़े सभी भुगतानों को आसानी से संभालने में मदद करता है।

इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) प्रोजेक्ट के तहत विकसित की जा रही इस औद्योगिक टाउनशिप के डिजिटल ढांचे को और भी मजबूत बनाना है। इससे काम-काज में तेजी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।