शहर में नए एरिया में जल्द मिलेंगे सीवर, पानी के कनेक्शन

नवभारत टाइम्स

शहर के नए इलाकों में सीवर और पानी के कनेक्शन की सुविधा जल्द मिलेगी। जीएमडीए, नगर निगम, एचएसआईआईडीसी और एचएसवीपी के अधिकारी मिलकर एक कमेटी बनाएंगे। यह कमेटी एक सप्ताह में ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसमें मास्टर लाइन से दूरी, कनेक्शन का साइज और मात्रा शामिल होगी।

gurugram sewer and water facility soon in new areas committee formed
गुड़गांव में तेजी से बढ़ रहे रेजिडेंशियल और कमर्शियल इलाकों में पानी, सीवर और ड्रेनेज की कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करने के लिए एक खास कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में जीएमडीए, नगर निगम, एचएसआईआईडीसी और एचएसवीपी के अधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी एक हफ्ते के अंदर एक ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसमें बताया जाएगा कि मास्टर लाइन से कितनी दूरी पर कनेक्शन मिलेगा, कनेक्शन का साइज क्या होगा और कितनी मात्रा में पानी मिलेगा। यह कदम शहर में नई ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों, बड़े अस्पतालों और व्यावसायिक स्थलों को पानी और सीवरेज की सुविधा देने में आ रही दिक्कतों को हल करने के लिए उठाया गया है।

गुरुवार को सेक्टर 44 जीएमडीए ऑफिस में जीएमडीए के सीईओ की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में शहर के तेजी से विकसित हो रहे नए इलाकों में पानी, सीवरेज और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज (बारिश के पानी की निकासी) कनेक्शन देने में आ रही मुश्किलों पर चर्चा हुई। सेक्टर 1 से 57 तक पहले से ही जल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क पर काफी दबाव है। इसके अलावा, एचएसवीपी की ओर से विकसित किए जा रहे छोटे प्लॉटेड पॉकेट्स में पानी की सप्लाई के लिए बूस्टिंग स्टेशन (पानी का प्रेशर बढ़ाने वाले स्टेशन) का प्रस्ताव नहीं है, जिससे वहां भी पानी की किल्लत हो सकती है।
इस नई कमेटी का मुख्य काम यह सुनिश्चित करना होगा कि शहर के सभी नए निर्माणों को पानी, सीवर और ड्रेनेज की पर्याप्त सुविधा मिले। ड्राफ्ट में यह भी साफ किया जाएगा कि पानी की सप्लाई के लिए मास्टर लाइन से कितनी दूरी रखी जाए और कनेक्शन का साइज कितना बड़ा हो। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में पानी की कमी या सीवरेज की समस्या न हो।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि शहर का विकास तेजी से हो रहा है और इसके साथ ही बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी जरूरी है। जीएमडीए के अधिकारी इस समस्या को लेकर गंभीर हैं और उन्होंने जल्द से जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिलाया है।